फ्रांस में हिंसा के बाद सख्ती, 2400 से ज्यादा गिरफ्तार; कई शहरों में आंशिक कर्फ्यू का ऐलान
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन हिंसा और लूटपाट में बदल गए। 2,400 से ज्यादा गिरफ्तारियों और करीब 1,000 सुरक्षाकर्मियों के घायल होने के बाद प्रभावित इलाकों में आंशिक कर्फ्यू के निर्देश दिए गए हैं।
फ्रांस में महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन हिंसा और लूटपाट में बदल गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने दंगों से प्रभावित इलाकों में आंशिक कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसक झड़पों के दौरान 2,400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि करीब 1,000 पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी घायल हुए। सरकार का कहना है कि कर्फ्यू का उद्देश्य दुकानों और कारोबार को नुकसान से बचाना है।
किन शहरों में लगेगा कर्फ्यू?
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने सोमवार, 19 अक्टूबर को क्षेत्रीय अधिकारियों से प्रभावित शहरों में स्थानीय स्तर पर आंशिक कर्फ्यू लागू करने को कहा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन-किन शहरों में और किस समय से ये पाबंदियां लागू होंगी।
उन्होंने राजधानी पेरिस में पूर्ण कर्फ्यू लगाए जाने की संभावना से भी इनकार किया। सरकार के मुताबिक, प्रतिबंधों का दायरा स्थानीय हालात के अनुसार तय किया जाएगा, ताकि हिंसा और लूटपाट से प्रभावित कारोबारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जा सके।
महंगाई के विरोध से कैसे बिगड़े हालात?
फ्रांस में हालिया विरोध प्रदर्शनों की प्रमुख वजह महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ता खर्च बताया गया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। इसके बाद कई इलाकों में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
17 अक्टूबर को हुई हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं। अगले दिन भी कुछ इलाकों से लूटपाट और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आईं। लगातार बिगड़ते हालात के बीच सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने का फैसला किया।
राष्ट्रपति मैक्रों ने मानी तैयारी में चूक
हिंसा को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षा तैयारियों और खुफिया जानकारी जुटाने में चूक की बात स्वीकार की। हालांकि, उन्होंने गृह मंत्री लॉरेंट नूनेज के इस्तीफे की संभावना को खारिज कर दिया।
गृह मंत्री ने भी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के नियंत्रण से जुड़े सवालों को स्वीकार किया। इन बयानों के बाद सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कारोबारियों को राहत देने की तैयारी
हिंसा और लूटपाट से प्रभावित कारोबारों को राहत देने के लिए फ्रांसीसी सरकार ने अस्थायी छुट्टी यानी फर्लो से जुड़े उपाय उपलब्ध कराने की बात कही है। ये उपाय 20 अक्टूबर से प्रभावित कारोबारों के लिए उपलब्ध कराए जाने थे।
फिलहाल सरकार के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर हिंसा पर काबू पाना और दूसरी ओर महंगाई को लेकर लोगों में बढ़ते असंतोष से निपटना। आने वाले दिनों में कर्फ्यू और सुरक्षा संबंधी कदमों का असर फ्रांस के हालात पर महत्वपूर्ण हो सकता है।

