रितु बराला केस पर आधी रात तक गरमाई सियासत, अशोक गहलोत भी पहुंचे; कांग्रेस की FIR दर्ज करने की मांग
एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से जुड़े कथित मारपीट मामले में जीरो एफआईआर की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का धरना जारी है। अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस पर सवाल उठाए।
राजस्थान में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से जुड़े कथित मारपीट के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। FIR दर्ज करने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस नेताओं का धरना जारी रहा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी देर रात प्रदर्शन में शामिल हुए और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस की मांग है कि रितु बराला की शिकायत पर जीरो FIR दर्ज की जाए।
डोटासरा के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे कांग्रेस नेता
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचा। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि रितु बराला के साथ हुई कथित घटना की शिकायत पर FIR दर्ज होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर नेताओं ने पुलिस कमिश्नरेट में धरना दिया और कार्रवाई होने तक विरोध जारी रखने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान अशोक गहलोत भी वहां पहुंचे। पार्टी नेताओं ने उनसे घर जाकर आराम करने का आग्रह किया, जिसके बाद वह अपने आवास लौट गए। वहीं, कांग्रेस के अन्य नेताओं ने धरना जारी रखा।

गहलोत का आरोप- दबाव में काम कर रही पुलिस
अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में जीरो FIR दर्ज कराने का प्रावधान है। ऐसी FIR किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई जा सकती है और बाद में उसे संबंधित थाने को भेजा जा सकता है।
गहलोत ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात नहीं हो पाने का भी मुद्दा उठाया और DGP पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने राजस्थान में पुलिस की स्थिति पर सवाल उठाते हुए निकाय चुनावों के दौरान भी ऐसी परिस्थितियां देखने का दावा किया।
ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस और सरकार का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है रितु बराला का मामला?
मामला 13 अक्टूबर को दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-7 के पास हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस दौरान दिल्ली पुलिस ने NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। रितु बराला ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने उनके साथ मारपीट की और थाने में भी उन्हें पीटा गया।
रितु बराला राजस्थान के झुंझुनूं जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने जयपुर के मोती डूंगरी पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर जीरो FIR दर्ज करने की मांग की थी। खबर के मुताबिक, पुलिस ने FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर विरोध शुरू किया।
राहुल गांधी के फोन के बाद सक्रिय हुई कांग्रेस
रिपोर्ट के मुताबिक, FIR दर्ज नहीं होने के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से फोन पर बात की और आंदोलन करने को कहा। इसके बाद पार्टी नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और शिकायत दर्ज करने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया।
अब इस मामले में मुख्य सवाल यही है कि रितु बराला की शिकायत पर जीरो FIR दर्ज होती है या नहीं। कांग्रेस इसे महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही से जोड़कर उठा रही है, जबकि कथित मारपीट के आरोपों की जांच और संबंधित पक्षों का जवाब मामले की आगे की दिशा तय करेगा।

