मदन राठौड़ बोले- कांग्रेस की मोहब्बत की दुकान नहीं, झूठ की दुकान: राहुल गांधी पर विदेशी तंत्र से संचालित होने का आरोप, संविधान और वोट चोरी पर घेरा

राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ‘मोहब्बत की दुकान’ को ‘झूठ की दुकान’ बताया। जानें संविधान, ईवीएम, वोट चोरी और विदेशी प्रभाव को लेकर उन्होंने क्या आरोप लगाए।

मदन राठौड़ बोले- कांग्रेस की मोहब्बत की दुकान नहीं, झूठ की दुकान: राहुल गांधी पर विदेशी तंत्र से संचालित होने का आरोप, संविधान और वोट चोरी पर घेरा

राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राठौड़ ने कांग्रेस की ‘मोहब्बत की दुकान’ वाली राजनीति पर सवाल उठाते हुए इसे ‘झूठ की दुकान’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान की बात तो करती है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी व्यवस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाती है। राठौड़ ने राहुल गांधी पर विदेशी तंत्र से प्रभावित होकर राजनीति करने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के आंदोलनों, मतदाता सूचियों पर उठाए जा रहे सवालों और त्योहारों के दौरान विरोध प्रदर्शनों को लेकर पार्टी की मंशा पर सवाल खड़े किए। हालांकि, विदेशी प्रभाव और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर राठौड़ के आरोप राजनीतिक बयान हैं। इनके समर्थन में दिए गए वक्तव्य में स्वतंत्र रूप से सत्यापित साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।

‘मोहब्बत की दुकान नहीं, झूठ की दुकान चला रही कांग्रेस’

मदन राठौड़ ने राहुल गांधी और कांग्रेस के चर्चित राजनीतिक नारे ‘मोहब्बत की दुकान’ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बातें मोहब्बत की दुकान की करती है, लेकिन वास्तव में वह झूठ की दुकान चला रही है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता लगातार ऐसे दावे करते हैं, जिनसे जनता के बीच भ्रम पैदा होता है। उनके अनुसार, कांग्रेस पहले मतदाता सूचियों में फर्जी नाम होने की बात करती है और फिर नाम हटाए जाने पर सवाल उठाती है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने इसे कांग्रेस का विरोधाभासी रवैया बताया।

‘राहुल गांधी के हाथ में संविधान की जगह अब मोबाइल’

राठौड़ ने राहुल गांधी के सार्वजनिक भाषणों और आंदोलनों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले हाथ में संविधान की किताब लेकर भाषण देते थे, लेकिन अब उनके हाथ में मोबाइल दिखाई देता है, जिसमें कथित तौर पर भाषण की स्क्रिप्ट लिखी होती है। राठौड़ ने सवाल उठाया कि संविधान की बात करने वाले राहुल गांधी आज संवैधानिक व्यवस्थाओं पर भरोसा क्यों नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के आचरण को गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय बताया।

विदेशी तंत्र से संचालित होने का आरोप

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस के आंदोलनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपने विरोध प्रदर्शनों में भारतीय संविधान की भावना से प्रेरणा लेने के बजाय विदेशी तत्वों से प्रभावित हो रही है। राठौड़ ने विशेष रूप से बांग्लादेशी जमात से प्रेरणा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर भी विदेशी तंत्र से संचालित होने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राठौड़ के वक्तव्य में ऐसे किसी विदेशी संबंध का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।

‘कांग्रेस की बाबा साहब अंबेडकर में आस्था नहीं’

मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनके विचारों के प्रति पर्याप्त सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने देश को मजबूत बनाने के लिए संवैधानिक व्यवस्थाओं की नींव रखी थी, लेकिन कांग्रेस उन व्यवस्थाओं का सम्मान नहीं करती। राठौड़ ने अंबेडकर के चुनावी इतिहास और उनसे जुड़े पंचतीर्थ स्थलों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अंबेडकर से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों की लंबे समय तक उपेक्षा की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के अनुसार, कांग्रेस का यह रवैया उसकी राजनीतिक सोच को दर्शाता है।

EVM और वोट चोरी के आरोपों पर भी कांग्रेस को घेरा

राठौड़ ने चुनावी हार के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमजोरियों की समीक्षा करने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और चुनावी व्यवस्थाओं पर दोष मढ़ती है। राठौड़ के अनुसार, बार-बार बिना पर्याप्त प्रमाण के आरोप लगाने से आम लोगों के मन में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति संदेह पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना और असहमति आवश्यक हैं, लेकिन आरोप तथ्यों पर आधारित होने चाहिए।

‘विरोध लोकतंत्र का हिस्सा, लेकिन अफवाहों से अराजकता’

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोधी आवाजों और रचनात्मक आलोचना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने माना कि वैचारिक मतभेद और असहमति सरकार को जवाबदेह बनाए रखने में मदद करते हैं। हालांकि, राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस तथ्यों के बजाय अफवाहों और संवाद के बजाय टकराव की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि जब विरोध संस्थाओं को कमजोर करने या हिंसा की दिशा में बढ़ता है, तो वह लोकतांत्रिक असहमति के बजाय अराजकता का रूप ले सकता है।

त्योहारों के दौरान आंदोलन पर उठाए सवाल

राठौड़ ने त्योहारों के मौसम में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक समृद्धि के लिए व्यापार और बाजार की गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, त्योहारों के दौरान बाजारों में कारोबार बढ़ता है और ऐसे समय विरोध प्रदर्शनों से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आंदोलन के नाम पर देश को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, कांग्रेस के आंदोलनों से होने वाले किसी विशिष्ट आर्थिक नुकसान का आंकड़ा उन्होंने प्रस्तुत नहीं किया।

‘जनता के एक रुपये में से 85 पैसे खाने वाली कांग्रेस’

मदन राठौड़ ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय सरकारी सहायता के लाभार्थियों तक पूरी राशि नहीं पहुंच पाने संबंधी चर्चित बयान का उल्लेख किया। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में जनता के लिए जारी धन का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता था। उन्होंने दावा किया कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस को उसी व्यवस्था के समाप्त होने की परेशानी है। यह राठौड़ का राजनीतिक आरोप है। इसे वर्तमान कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्रमाणित भ्रष्टाचार के तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

मोदी सरकार की DBT और जनधन योजना की तारीफ

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था और जनधन योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के जरिए सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। राठौड़ के अनुसार, तकनीक आधारित भुगतान व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद की है। उन्होंने दावा किया कि इन बदलावों के कारण कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में वापसी की उम्मीद पूरी नहीं हो सकती।

महिलाओं के प्रति व्यवहार पर भी राहुल गांधी को घेरा

राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं और राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों, महिला पत्रकारों और आम महिलाओं के साथ कांग्रेस नेताओं के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए। हालांकि, उन्होंने अपने वक्तव्य में इन आरोपों से जुड़ी किसी विशिष्ट घटना का विस्तृत विवरण या स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। राठौड़ ने दावा किया कि जनता कांग्रेस नेताओं के आचरण को देख रही है और आने वाले चुनावों में जवाब देगी।

‘चुनाव हारने पर फिर वोट चोरी का आरोप लगाएगी कांग्रेस’

अपने बयान के अंत में मदन राठौड़ ने कहा कि जनता चुनावों में कांग्रेस को जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार की स्थिति में कांग्रेस फिर से वोट चोरी और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने लगेगी। राठौड़ ने कांग्रेस पर देश की प्रगति के बीच नफरत और भ्रम की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनके इस बयान से राजस्थान की राजनीति में संविधान, चुनावी व्यवस्था और विपक्ष के आंदोलनों को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को नया मुद्दा मिला है। फिलहाल इन आरोपों पर कांग्रेस या राहुल गांधी की प्रतिक्रिया इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।