रिफाइनरी आग में साइबर अटैक का एंगल,एजेंसियां अलर्ट

पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग की जांच अब नए मोड़ पर पहुंची। तकनीकी खामी के साथ साइबर अटैक की आशंका, राष्ट्रीय जांच एजेंसी समेत केंद्रीय एजेंसियां जांच में जुटीं।

बाड़मेर के पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी आग की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खामी मानी जा रही इस घटना में अब साइबर अटैक की आशंका भी जताई जा रही है। एनआईए समेत केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई हैं।हादसे के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। रिफाइनरी के आसपास रहने वाले किराएदारों और मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन शुरू हो चुका है। बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।सुरक्षा एजेंसियों ने रिफाइनरी के 1 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील मानते हुए बाजार और कॉमर्शियल दुकानों की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से इस इलाके में आने वाली कुछ दुकानों को हटाने पर भी विचार किया जा रहा है, क्योंकि यहां दिनभर भीड़ बनी रहती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे के लिए बनाए गए तीन बड़े डोम भी जांच के घेरे में आ गए हैं। करीब तीन बीघा क्षेत्र में बने इन डोम को पहले हटाया जा रहा था, लेकिन 24 अप्रैल को सुरक्षा एजेंसियों ने यह काम रुकवा दिया। माना जा रहा है कि यहां से फॉरेंसिक सबूत जुटाए जा रहे हैं।20 अप्रैल को लगी इस आग पर करीब दो घंटे में काबू पा लिया गया था, लेकिन इसके कारणों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जिस क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में आग लगी, उसका निर्माण कार्य टाटा प्रोजेक्ट्स के जिम्मे है।प्रारंभिक अनुमान तकनीकी खामी या उपकरण में लीकेज की ओर इशारा करते हैं, लेकिन एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं—चाहे वह तकनीकी चूक हो या फिर किसी तरह की साजिश।फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी, लेकिन जिस तरह से जांच का दायरा बढ़ाया गया है, उससे यह मामला अब बेहद संवेदनशील बन गया है।