प्रमोद जैन भाया आज लेंगे विधायक पद की शपथ, राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस की ताकत बढ़कर 114 हुई
राजस्थान की राजनीति में आज का दिन विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है। बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से हाल ही में उपचुनाव जीतकर आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद जैन भाया आज सुबह 11 बजे विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में आज का दिन विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है। बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से हाल ही में उपचुनाव जीतकर आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद जैन भाया आज सुबह 11 बजे विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही विपक्ष की ताकत में एक और इजाफा है।
स्पीकर वासुदेव देवनानी दिलाएंगे शपथ
शपथ ग्रहण समारोह विधानसभा भवन स्थित स्पीकर चैंबर में आयोजित होगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी प्रमोद जैन भाया को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। यह एक औपचारिक प्रक्रिया है, लेकिन इसके बाद भाया सदन में अंता क्षेत्र का आधिकारिक प्रतिनिधित्व शुरू कर देंगे।
कांग्रेस दिखाएगी एकजुटता, टीकाराम जूली सहित कई नेता रहेंगे मौजूद
कांग्रेस ने इस अवसर को पार्टी की एकता और मजबूती का संदेश देने का मौका बनाया है। शपथ ग्रहण के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (संभावित), प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (संभावित) समेत कई वरिष्ठ विधायक और नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष को घेरने की नई रणनीति का संकेत भी होगा।
भाया का सियासी कद और अनुभव विपक्ष के लिए बूस्टर डोज
प्रमोद जैन भाया राजस्थान कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। अशोक गहलोत सरकार में वे कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और उनके पास खान, गोपालन एवं पेट्रोलियम जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे थे। खनन नीति, अवैध खनन, गोपालन योजनाओं और पिछली सरकार की उपलब्धियों पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
उपचुनाव में अंता सीट से उनकी जीत को कांग्रेस ने बीजेपी के लिए बड़ा झटका बताया था। अब सदन में उनकी मौजूदगी से विपक्ष को खास तौर पर निम्न मुद्दों पर सरकार को घेरने में मजबूती मिलेगी:
- अवैध खनन और माफिया पर कार्रवाई का मुद्दा
- गोपालन एवं पशुपालन योजनाओं में कटौती के आरोप
- बारां-हाड़ौती क्षेत्र के विकास कार्यों की अनदेखी
आज का शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राजस्थान विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष की आक्रामक रणनीति का आगाज माना जा रहा है।

