वनाधिकार कानून पर बड़ा खुलासा: 66 हजार आवेदन खारिज, 5 जिलों में एक भी पट्टा नहीं
Rajasthan में वनाधिकार कानून के तहत 66 हजार से ज्यादा आवेदन खारिज, सिर्फ 51 हजार को पट्टे। Jaipur समेत 5 जिलों में एक भी पट्टा जारी नहीं हुआ। लोकसभा में उठा मुद्दा।
जंगल में सालों से रहने वाले लोग…जिन्हें मिलना था अपनी जमीन का हक… लेकिन राजस्थान में हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है… हजारों आवेदन खारिज… और कई जिलों में एक भी पट्टा नहीं…राजस्थान में वनाधिकार कानून के तहत जमीन का हक देने की प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सरकार ने अब तक आए 66 हजार से ज्यादा आवेदनों को खारिज कर दिया है, जबकि केवल करीब 51 हजार लोगों को ही पट्टे मिल पाए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जयपुर समेत 5 जिलों में एक भी पट्टा जारी नहीं हुआ। यहां 100 फीसदी आवेदन खारिज कर दिए गए। लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सांसद अमराराम ने सरकार से सवाल किया, जिस पर जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उड़के ने जवाब दिया कि खारिज आवेदनों पर अब दोबारा विचार नहीं किया जाएगा। सरकार के मुताबिक फरवरी 2026 तक कुल 1 लाख 18 हजार से ज्यादा आवेदन मिले, जिनमें से बड़ी संख्या में दावे खारिज हो गए। जिलेवार आंकड़ों में प्रतापगढ़ सबसे ऊपर है, जहां सबसे ज्यादा आवेदन भी आए और सबसे ज्यादा खारिज भी हुए। वहीं, बांसवाड़ा और उदयपुर पट्टे जारी करने में आगे हैं।
Saloni Kushwaha 
