जयपुर में ‘न्याय सेतु’ कॉन्फ्रेंस: रिटायर्ड जजों की भूमिका पर मंथन, न्याय को बनाया गया केंद्र
Nyay Setu Conference में Bhajan Lal Sharma ने कहा—रिटायर्ड जज ADR को मजबूत कर न्याय व्यवस्था को बेहतर बना सकते हैं। ‘The Bench Beyond Retirement’ पर हुई अहम चर्चा।
राजधानी जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में ‘न्याय सेतु’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने भाग लिया। यह सम्मेलन Association of Retired Judges of Supreme Court and High Courts of India और Rajasthan State Legal Services Authority के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
द बेंच बियोंड रिटायरमेंट’ पर चर्चा
सम्मेलन का मुख्य विषय ‘The Bench Beyond Retirement’ रहा, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि रिटायर्ड जज अपनी विशेषज्ञता का उपयोग कर आम जनता को कानूनी रूप से जागरूक बना सकते हैं और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) को मजबूत कर सकते हैं।
सीएम भजनलाल शर्मा का संबोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की पीढ़ी देश में आए बड़े बदलावों की साक्षी रही है। उन्होंने न्यायपालिका में जनता के विश्वास का श्रेय न्यायमूर्तियों की निष्ठा और समर्पण को दिया।
उन्होंने पुराने समय की न्याय व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि गांवों की पंचायतों में सजा से ज्यादा न्याय के सम्मान को महत्व दिया जाता था—जहां छोटे-छोटे सामाजिक दंड भी लोग सहर्ष स्वीकार करते थे।
दंड से न्याय की ओर बदलाव
सीएम ने नए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि अब व्यवस्था ‘दंड’ के बजाय ‘न्याय’ पर केंद्रित हो गई है। इसी सोच के तहत भारतीय न्याय संहिता लागू की गई है।
न्यायिक सुधारों को मिलेगा पूरा समर्थन
सरकार ने न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए हर संभव संसाधन देने का भरोसा जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट और न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए पर्याप्त बजट दिया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
Saloni Kushwaha 
