सामुदायिक भवन से जोन ऑफिस हटाने के आदेश, हाईकोर्ट ने JDA को दिया निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के पृथ्वीराज नगर जोन कार्यालय को सामुदायिक भवन से हटाने के निर्देश दिए हैं। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि सामुदायिक भवन केवल सार्वजनिक उपयोग के लिए होते हैं, उनमें सरकारी कार्यालय संचालित नहीं किए जा सकते। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने JDA से अगली तारीख तक शिफ्टिंग की समयसीमा बताने को कहा है। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
जयपुर : राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के पृथ्वीराज नगर जोन कार्यालय को सामुदायिक भवन से हटाकर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी कॉलोनी में बना सामुदायिक भवन सार्वजनिक उपयोग के लिए होता है और उसमें सरकारी कार्यालय संचालित नहीं किया जा सकता।
मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के वकील अगली सुनवाई तक यह स्पष्ट करें कि जोन कार्यालय को कब तक किसी अन्य सरकारी या किराए के भवन में शिफ्ट किया जाएगा और मानसरोवर स्थित पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक भवन को कब खाली किया जाएगा।
यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसे पत्रकार श्यामसुंदर शर्मा ने दायर किया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनीश बधाला और धनंजय ने पैरवी की।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सामुदायिक भवनों का उपयोग केवल स्थानीय निवासियों की सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, न कि प्रशासनिक कार्यालयों के संचालन के लिए। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की गई है।
इस आदेश के बाद जयपुर में सामुदायिक भवनों के उपयोग और सरकारी कार्यालयों की व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है, और अब सभी की नजर JDA की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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