आसाराम यौन उत्पीड़न अपील मामले में सुनवाई जारी, अंतिम बहस अधूरी
बहुचर्चित आसाराम यौन उत्पीड़न मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपीलों पर सुनवाई जारी है। जस्टिस अरुण मोंगा की अगुवाई में सह-आरोपी शरदचंद की ओर से अंतिम बहस शुरू हुई, जो समयाभाव के कारण पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अपीलों के शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
जोधपुर : बहुचर्चित आसाराम के यौन उत्पीड़न मामले में दायर अपील सुनवाई का दौर जारी है। मामले में आज राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की, जिसमे जस्टिस अरुण मोंगा की अगुवाई में बहस चली। यह सुनवाई 2013 के मामले में लगाई गयी अपीलों पर जारी है, जिसमे आसाराम और उनके सह-आरोपियों ने आरोप और सजा को चुनौती दी है।
आज के सत्र में सह-आरोपी शरदचंद की ओर से उनके अधिवक्ता ने अंतिम बहस शुरू की, लेकिन समयाभाव के कारण यह पूरी नहीं हो पाई। अदालत ने सुनवाई को जारी रखने का निर्णय लिया है और बुधवार को फिर से शरदचंद के पक्ष के वकीलों द्वारा अंतिम बहस पेश की जाएगी।
आसाराम, जो 2013 में एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी पाए गए थे, उन्होंने अपील दायर करके प्रथम दृष्टया सजा को चुनौती दी है। उनकी अपील में उनके वकीलों ने दोष और सजा पर पुनर्विचार की मांग राखी थी, जबकि सह-आरोपी शरदचंद और शिल्पा गुप्ता ने भी अपीलें दायर की थी।

यह सुनवाई 16 फरवरी 2026 से नियमित रूप से चल रही है। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सुनवाई में कोई भी अपॉइंटमेंट या स्थगन नहीं दिया जाएगा और यह सुनवाई प्रति दिन या तो बॉर्ड समाप्त होने पर या दोपहर 2 बजे से पहले जारी रहेगी, जब तक कि वकीलों की दलीलों का समापन नहीं हो जाता।
आसाराम को पहले जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और लंबे समय से उन्हें यौन उत्पीड़न की दो अलग-अलग याचिकाओं में दोषी माना गया है। चिकित्सा कारणों के आधार पर उन्हें कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत भी मिल चुकी है, जिसे कोर्ट ने अलग-अलग अवसरों पर मंजूर किया था।
इस सुनवाई के तेज़ी से समाप्त होने के लिए Supreme Court of India ने भी दिसंबर 2025 में आदेश दिया था कि इन अपीलों को तीन महीनों के भीतर निराकृत किया जाए, ताकि लंबित मामलों का निपटारा जल्दी हो सके। अब अदालत के अगले सत्र में सह-आरोपी शरदचंद के पक्ष की अंतिम दलीलें पेश की जाएंगी और उसके बाद फैसला आने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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