जाखम प्रोजेक्ट: चार जिलों को शुद्ध पानी मिलने का इंतजार लंबा होता जा रहा है

जाखम प्रोजेक्ट के तहत चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों में पेयजल पहुँचाने की योजना में देरी, टेक्निकल बिड अब 16 अप्रैल 2026 को खोली जाएगी। जनता को शुद्ध पानी की प्रतीक्षा जारी।

जाखम प्रोजेक्ट: चार जिलों को शुद्ध पानी मिलने का इंतजार लंबा होता जा रहा है
Dam

राजस्थान में जाखम बांध पेयजल परियोजना के तहत चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों के लिए पानी की आपूर्ति का इंतजार अब लंबे समय तक टलता जा रहा है। घोषणा के डेढ़ साल बाद भी परियोजना का टेक्निकल बिड खुल नहीं पाया है।

परियोजना के लिए तय समयसीमा में देरी

राज्य सरकार ने 2024-25 के बजट में जाखम प्रोजेक्ट की घोषणा की थी, जिसमें कुल 3645.56 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया। परियोजना को शुरू से पूरा होने में तीन साल का समय रखा गया है, लेकिन अब तक डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है।

टेण्डर प्रक्रिया और टेक्निकल बिड में बदलाव

प्रारंभ में टेक्निकल बिड खोलने की तारीख 16 फरवरी 2026 तय की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 16 अप्रैल कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता सुनीत कुमार गुप्ता ने बताया कि तकनीकी बिड खुलने के बाद ही टेण्डर की जांच और वर्क ऑर्डर प्रक्रिया शुरू होगी। इस देरी के चलते पूरे प्रोजेक्ट की समयसीमा प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।

पहले चरण में चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ के गांवों को मिलेगा पानी

जाखम प्रोजेक्ट के पहले चरण में चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ के लगभग 800 गांव और 622 ढाणी में पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना है। इस चरण पर 1692.30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

दूसरे चरण में राजसमंद और उदयपुर के गांव शामिल

दूसरे चरण में राजसमंद के 790 और उदयपुर के 907 गांव-ढाणी को पानी की आपूर्ति के दायरे में शामिल किया जाएगा। इस चरण के लिए 1953.26 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है।

टेक्निकल बिड अब अप्रैल में होगी

जाखम बांध पेयजल परियोजना की पहली चरण की टेक्निकल बिड अब अप्रैल 2026 में खोली जाएगी। इसके बाद ही टेण्डर की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।