जयपुर हाईकोर्ट बेंच को बम से उड़ाने की धमकी, CJI सूर्यकांत के दौरे से पहले मचा हड़कंप
जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की बेंच को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी उस समय मिली जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत साइबर सिक्योरिटी सेमिनार के उद्घाटन के लिए जयपुर आने वाले थे। ई-मेल के जरिए भेजी गई धमकी में हाईकोर्ट परिसर में RDX प्लांट करने का दावा किया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इससे पहले भी जयपुर हाईकोर्ट को कई बार बम धमकी मिल चुकी है। पुलिस साइबर तकनीक के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी है, लेकिन बार-बार IP और APN एड्रेस बदलने से जांच चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
जयपुर से एक गंभीर खबर सामने आई है, जिसमें राजस्थान हाईकोर्ट की बेंच को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह धमकी आज शुक्रवार को जयपुर में होने वाले साइबर सुरक्षा सेमिनार के उद्घाटन से ठीक पहले मिली, जिसमें सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे।
धमकी संदेश ई-मेल के रूप में भेजा गया, जिसमें आरोपी ने आरोप लगाया कि:
“हाईकोर्ट परिसर में RDX प्लांट कर दिया गया है”
“सीजेआई का दौरा कैंसिल कराओ नहीं तो धमाका होगा”

इस गंभीर संदेश के बाद जयपुर हाईकोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सघन तलाशी पुलिस द्वारा की गई, लेकिन किसी संदिग्ध सामग्री या बम जैसे तत्व नहीं मिले।
यह धमकी पहली बार नहीं है — इस से पहले भी जयपुर हाईकोर्ट बेंच को दसवीं बार इसी तरह की धमकी मिली थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं।
क्या हुआ, कैसे, कब?
धमकी कैसे मिली?
एक अज्ञात मेल भेजकर धमकी दी गई कि हाईकोर्ट परिसर में बम रखा गया है और मुख्य न्यायाधीश के दौरे को रद्द कराना चाहिए।
क्यों समय से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई?
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत आज साइबर सिक्योरिटी सेमिनार का उद्घाटन करने जयपुर आ रहे हैं, इसलिए धमकी को गंभीरता से लिया गया।
क्या पुलिस ने कुछ बरामद किया?
नहीं — मुख्य परिसर का निरीक्षण किया गया लेकिन किसी विस्फोटक या संदिग्ध आइटम का पता नहीं चला।
क्या कोई गिरफ्तार हुआ?
अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी, क्योंकि आरोपी बार-बार अपना IP पता और APN एड्रेस बदल रहा है।
कार्यवाही क्यों थोड़ी देर से शुरू हुई?
जांच और सुरक्षा जांच के कारण आज कोर्ट की कार्यवाही आधा घंटे देरी से शुरू हो पाई।
पिछली धमकियों का इतिहास – कारण क्या हैं?

यह पहली बार नहीं है कि जयपुर हाईकोर्ट को धमकी मिली है। पहले भी इसी तरह के कई धमकी ई-मेल, फोन संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट हाईकोर्ट को प्राप्त हो चुके हैं।
पिछले मामलों में पुलिस को धमकियों के पीछे
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राजनीतिक विवाद
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कानूनी फैसलों से नाराज़ व्यक्तियों का गुस्सा
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साइबर ट्रोलिंग / बदनाम करने की कोशिश
जैसे कारण मिले थे।
कई बार धमकियां जांच के बाद कमजोर पाए गए या नकली IP से भेजे गए।
कुछ धमकि संदेश गलत सूचना फैलाने के लिए पाए गए।
ऐसे मामलों ने यह संकेत दिया है कि
धमकियाँ कभी-कभी राजनीतिक या सामाजिक माहौल की प्रतिक्रिया होती हैं
या
केवल किसी को दहशत फैलाने की कोशिश होती है।
पुलिस और सुरक्षा उपाय
जयपुर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तलाशी और सुरक्षा कवच को तेजी से लागू कर रही हैं।
SP और डिटेक्शन टीमों को सजग किया गया
हाईकोर्ट परिसर में सीसीटीवी निगरानी और डॉग स्क्वाड तैनात
धमकी संदेश भेजने वाले की पहचान के लिए Digital Forensics जांच
IP ट्रैकिंग और APN एड्रेस जुनून से खोला जा रहा है
पुलिस ने बताया है कि
धमकी भेजने वाले को जल्द गिरफ्तार करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल
क्या यह धमकी केवल एक मानसिक रूप से भटकता व्यक्ति का कृत्य है?
या फिर किसी संगठित समूह की प्रतिक्रिया?
क्या धमकियों के पीछे राजनीति, कानून पर नाराज़गी या सामाजिक विपरीत सोच का असर है?
क्या कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता नहीं?
देश की अदालत, सुरक्षा एजेंसियों और जनता अब इन सवालों के जवाब ढूंढने में जुटी है।

आज की धमकी ने साफ़ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था कितनी संवेदनशील है, लेकिन साथ ही यह भी दिखाता है कि
गलत जानकारी फैलाने वाले कितने आसानी से आतंक की भावना पनپا सकते हैं।
इसलिए न सिर्फ पुलिस और कोर्ट, बल्कि हम सबको सतर्क रहकर कानून और शांति बरतने की जिम्मेदारी उठानी होगी।
Hindu Solanki 
