देशभर में बड़ी कार्रवाई: जल जीवन मिशन घोटाले की जांच में कई राज्यों में छापे, रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल से जुड़े ठिकाने जांच के दायरे में

जल जीवन मिशन घोटाले की जांच में ACB की SIT ने कई राज्यों में छापेमारी की, रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल से जुड़े ठिकानों और संदिग्धों की तलाश जारी।

देशभर में बड़ी कार्रवाई: जल जीवन मिशन घोटाले की जांच में कई राज्यों में छापे, रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल से जुड़े ठिकाने जांच के दायरे में
Jal jeevan mission

जल जीवन मिशन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष जांच टीम (SIT) ने देश के कई राज्यों में एक साथ व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया है। कार्रवाई के केंद्र में रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल से जुड़े संभावित ठिकाने और इस मामले से जुड़े अन्य आरोपी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी किए गए ठेकों, वित्तीय भुगतान, सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट और उपकरण खरीद से जुड़े संभावित घोटाले की जांच का हिस्सा है। एजेंसी को प्राथमिक जांच में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले थे, जिसके बाद एक साथ कई स्थानों पर तलाशी की योजना बनाई गई। ACB की टीमों ने राजस्थान के अलावा देश के कई हिस्सों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। छापेमारी नई दिल्ली, बाड़मेर, सीकर और जालोर सहित कई स्थानों पर की गई। इसके साथ ही जांच का दायरा राजस्थान से बाहर बिहार और झारखंड तक फैला हुआ है, जहां कई संदिग्ध ठिकानों पर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार कुल मिलाकर लगभग 15 से अधिक स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया, ताकि दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल डाटा और वित्तीय लेनदेन के सबूत जुटाए जा सकें।

छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। इनमें केडी गुप्ता, निरिल कुमार, सुशील शर्मा, डीके गौड़, महेंद्र सोनी, विशाल सक्सेना, दिनेश गोयल, शुभांशु दीक्षित और अरुण श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियां इनसे ठेकों की स्वीकृति, भुगतान प्रक्रिया और संभावित कमीशन लेनदेन के बारे में पूछताछ कर रही हैं।

सूत्र बताते हैं कि ACB को जानकारी मिली थी कि सुबोध अग्रवाल दिल्ली में मौजूद हो सकते हैं, लेकिन छापेमारी के दौरान उनसे सीधा संपर्क नहीं हो पाया। एजेंसी अब उनसे पूछताछ के लिए औपचारिक संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रही है, क्योंकि जांच में उनसे जुड़े कई वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

जांच का फोकस किन बिंदुओं पर?

  • ठेकों के आवंटन में अनियमितता
  • फर्जी या बढ़े हुए बिलों के जरिए भुगतान
  • सप्लाई चेन में मिलीभगत
  • सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना
  • संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन का स्रोत

टीमें बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा, ठेके से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति निवेश से संबंधित रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।

पूरी कार्रवाई ACB के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व और सुपरविजन में संचालित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं। इस बड़े स्तर की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना में संभावित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने से पूरे मामले पर राष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। जांच एजेंसियां अब एकत्र किए जा रहे दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं, जिसके आधार पर आगे गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।