उदयपुर में बीजेपी नेत्री की शिकायत पर वकील गिरफ्तार, एआई वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप

उदयपुर में बीजेपी नेत्री की शिकायत पर वकील विशाल गुर्जर गिरफ्तार। एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के आरोप, पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए भेजे।

उदयपुर में बीजेपी नेत्री की शिकायत पर वकील गिरफ्तार, एआई वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप

उदयपुर में एक बीजेपी नेत्री द्वारा अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज कराए गए दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट से जुड़े मामले ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल मचा दी है। भूपालपुरा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी वकील विशाल गुर्जर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

क्या हैं आरोप?

एफआईआर के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह पिछले करीब एक वर्ष से आरोपी के संपर्क में थीं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया, जहां पेय पदार्थ पिलाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में होश आने पर उन्हें कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो बनाए जाने की जानकारी मिली।

पीड़िता का आरोप है कि इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाने और एक अन्य मामले में समझौते का दबाव बनाया। यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर अन्य लोगों के साथ भी आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए और उन्हें ब्लैकमेल का माध्यम बनाया। पुलिस ने मेडिकल जांच करवाई है और डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

पुलिस कार्रवाई पर विवाद

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने देर रात आरोपी को उसके घर से हिरासत में लिया। परिजनों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जबरन घर में प्रवेश किया, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए और अभद्र व्यवहार किया। आरोपी की पत्नी ने जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। फिलहाल, मामले की निगरानी एएसपी सिटी को सौंपी गई है।

पुराने मामले में भी गिरफ्तारी

पुलिस ने आरोपी को एक अन्य प्रकरण में प्रोडक्शन वारंट के जरिए भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक पारिवारिक विवाद सुलझाने के नाम पर बेंगलुरु निवासी व्यक्ति से लाखों रुपये लिए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

राजनीतिक सरगर्मी तेज

कथित वीडियो और आरोपों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। विभिन्न दलों के नेताओं के नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वीडियो की सत्यता स्पष्ट हो पाएगी।