भारतीय खेल जगत में शोक की लहर: तीन बार के एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन, फ्लैट में मिला शव

तीन बार एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार वह फ्लैट में मृत मिले और पोस्टमार्टम दिल्ली के GTB अस्पताल में हुआ।

भारतीय खेल जगत में शोक की लहर: तीन बार के एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन, फ्लैट में मिला शव

भारतीय खेल जगत से दुखद खबर सामने आई है। तीन बार के एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट और दिग्गज पैरा एथलीट **नीरज यादव का निधन हो गया है।** मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीरज अपने फ्लैट में मृत पाए गए। शुरुआती जानकारी में जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई है।

नीरज यादव ने पैरा जेवलिन थ्रो में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की थीं। उनके निधन की खबर से पैरा स्पोर्ट्स जगत में शोक है।

 दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में नीरज यादव का पोस्टमार्टम किया गया।

शुरुआती रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ के सेवन की बात कही गई है। हालांकि, उनकी मौत की परिस्थितियों और इसके पीछे की वजह को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

बताया जा रहा है कि पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और पैरा एथलीट विपिन कसाना भी अस्पताल पहुंचे थे।

 तीन बार एशियन पैरा गेम्स में जीता गोल्ड मेडल

नीरज यादव भारतीय पैरा एथलेटिक्स के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे।

उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था।

2022 एशियन पैरा गेम्स के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने जेवलिन थ्रो की F55 कैटेगरी में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

उनकी उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय पैरा खेल जगत में विशेष पहचान दिलाई।

2023 में लगा था चार साल का प्रतिबंध

नीरज यादव के करियर में नवंबर 2023 में बड़ा बदलाव आया था, जब डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया।

इस प्रतिबंध की अवधि 2027 के अंतिम महीनों तक बताई गई थी।

प्रतिबंध के कारण वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे।

भारत के मुख्य पैरा एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने नीरज के निधन पर दुख जताया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोच ने आशंका जताई कि लंबे प्रतिबंध के कारण नीरज मानसिक तनाव में रहे होंगे। हालांकि, उन्होंने इसे मौत की पुष्ट वजह नहीं बताया।

**नीरज यादव की मौत को प्रतिबंध या किसी अन्य व्यक्तिगत परिस्थिति से जोड़ने का फिलहाल कोई प्रमाणित आधार सामने नहीं आया है।**

बचपन में पोलियो, फिर भी खेलों में बनाई पहचान

उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज यादव का जीवन संघर्ष और खेलों के प्रति समर्पण की कहानी रहा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सात साल की उम्र में पोलियो के कारण उन्हें शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इसके बावजूद उन्होंने खेलों से दूरी नहीं बनाई।

नीरज ने 2005 से 2012 के बीच व्हीलचेयर टेनिस खेला। इसके बाद उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा और जेवलिन थ्रो में अपनी पहचान बनाई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने साबित किया कि कठिन परिस्थितियों में भी खेलों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

निधन की वजह को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार

नीरज यादव की मौत की खबर ने भारतीय पैरा खेल जगत को झकझोर दिया है।

फिलहाल उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

**तीन बार एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज यादव को भारतीय पैरा एथलेटिक्स में उनके योगदान और उपलब्धियों के लिए याद किया जाएगा।