गहलोत-पायलट की नजदीकियों पर सियासी वार
राजस्थान की सियासत में एक बार फिर गहलोत-पायलट रिश्तों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा है कि दोनों नेताओं के बीच असली मतभेद आज भी खत्म नहीं हुए हैं।जयपुर में बीजेपी प्रदेश कार्यालय पर मीडिया से बातचीत करते हुए राठौड़ ने कहा कि गहलोत और पायलट का साथ आना महज दिखावा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये दोनों कभी सच में साथ नहीं हो सकते, सिर्फ साथ होने का नाटक करते हैं। राठौड़ ने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पायलट कभी नहीं भूलेंगे कि गहलोत ने उन्हें “नाकारा, निकम्मा और मक्कार” कहा था।
राठौड़ ने आगे कहा कि अगर किसी को यह साबित करने के लिए फोटो खिंचवानी पड़े कि वे साथ हैं, तो इसका मतलब साफ है कि उनके बीच अंदरूनी मतभेद गहरे हैं। उन्होंने कहा कि फोटो खिंचवाने की मजबूरी ही उनके रिश्तों की सच्चाई बयां करती है।दरअसल, यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया है जब बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की बैठक के दौरान गहलोत और पायलट एक साथ नजर आए थे। गहलोत की गाड़ी रुकते ही पायलट उनके पास पहुंचे और दोनों ने हाथ मिलाया। इस दौरान गहलोत ने मुस्कुराते हुए पत्रकारों से कहा—“फोटो खींच लो, फिर कहोगे बनती नहीं है।” इस पर पायलट ने भी हल्के अंदाज में बातचीत की, जिससे माहौल सहज नजर आया।इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राठौड़ ने इसे ‘राजनीतिक दिखावा’ करार दिया और कहा कि जनता सब समझती है।इसके साथ ही राठौड़ ने कांग्रेस पर एक और हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। उन्होंने गहलोत के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें राहुल गांधी के इन वर्गों पर बोलने को लेकर बात कही गई थी। राठौड़ ने कहा कि अगर वरिष्ठ नेता खुद कह रहे हैं कि राहुल गांधी पहली बार इन वर्गों के बारे में बोले हैं, तो यह कांग्रेस की सोच को उजागर करता है।
Saloni Kushwaha 
