क्या मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद मुस्लिम मतदाताओं का बीजेपी के खिलाफ ध्रुवीकरण कर पाएगी?
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर सियासत तेज। चुनाव से पहले मुद्दा गरमाया, स्थानीय लोगों ने शिक्षा और विकास की भी उठाई मांग।
पश्चिम बंगाल : मुर्शिदाबाद के बेलडांगा क्षेत्र में बन रही बाबरी मस्जिद जिसकी अभी चारदीवारी नींव रखी जा रही है। अभी भी वहां काम में 50 से ज्यादा मजदूर जुटे हैं। और यह मस्जिद बंगाल की हिन्दू-मुस्लिम राजनीति में उबलती चाय सा उबाल ला रही है। बेलडांगा में रहे वाले मुसलमानो का कहना है की देश में मंदिर-मस्जिद दोनों ही जरुरी है पर जो मजहबी लोग है उनके लिए मस्जिद जरुरी है पर उनका खुदा कहना यह है की मस्जिद के साथ साथ बच्चों की पढाई के लिए स्कूल भी जरुरी है। बच्चे अभी मदरसे में पढ़ने जाते जरूर है पर पढ़ते क्या है यह नहीं पता, उन्हें 50 तक गिनती भी सही ढंग से नहीं आती है। लोगों का कहना है की सिर्फ थल बजने और खाना खाने के लिए ही बच्चों को स्कूल क्यों भेजें।
दरअसल पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के मत्तदान होने जा रहे है। 6 मुस्लिम बहु संख्यक जिलों जैसे मुर्शिदाबाद, मालदा, नार्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, नादिया और उत्तर दिनाजपुर में करीब 124 सीटें हैं। TMC को अलविदा कह खुद की नयी पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया, तो उनकी इस कोशिश को मुस्लिम वोटों को अपनी तरफ झुकाने की कोशिश माना जा रहा है। कबीर फिलहाल भाजपा के साथ 1000 करोड़ की डील वाले अपने वीडियो पर सफाई देने में जुटे है, वहीँ दूसरी और बाबरी मस्जिद का काम भी चल रहा है।
यूपी, बिहार, असम से मस्जिद देखने आ रहे लोग :
मस्जिद के पास मजूद कुछ दुकानदारों का कहना है की यहाँ यूपी, बिहार, झारखण्ड, असम और ऐसे अन्य कई राज्यों से लोग मस्जिद का निर्माण देखने आते रहते है। जिससे हमारी दुकानदारी पर एक अच्छा असर देखने को मिल रहा है, हमारी दुकानदारी बढ़ रही है। हमारे लिए यह काफी फायदेमंद है, साथ ही उन्होंने ने यह भी कहा की मस्जिद सिर्फ एक मजहबी मुद्दा है पर हम अपना वोट सिर्फ मजहब को देखते हुए नहीं बल्कि अपने आने वाले भविष्य को देखते हुए देंगे यह हमारा स्वतंत्र निर्णय है। जो हमें लगेगा की हमारे भविष्य को सही रास्ता दिखा सकता है हम उसे चुन कर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाने की कोशिश करेंगे।
हुमायूं कबीर अपने फायदे के लिए मस्जिद बनवा रहे है :
69 करोड़ रूपए की लगत से 4 एकड़ में बन रही है बाबरी मस्जिद। इसे वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया कमेटी बनवा रही है। हुमायूं कबीर इस ट्रस्ट के फाउंडर भी है, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने की वजह से इस ट्रस्ट को छोड़ दिया, उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल है जिसमे वह भाजपा से 1000 करोड़ की डील करते दिख रहे है।
कुछ लोगों का कहना है की जबसे हुमायूं कबीर ने मस्जिद की नीवं राखी है तब से ही ममता बनर्जी उनके पीछे पड़ी हैं। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस इस बार हारती दिख रही है इसलिए ऐसी बाते फैलाई जा रही है।
Ayush Pareek 
