बगरू में सरकारी स्कूल के निरीक्षण पर बवाल, CJP नेता आशुतोष रांका पर हमला; दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप

Jaipur News: बगरू के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP और ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ गया। CJP ने मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ के आरोप लगाए हैं।

बगरू में सरकारी स्कूल के निरीक्षण पर बवाल, CJP नेता आशुतोष रांका पर हमला; दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप

Jaipur News: जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-कन्वीनर और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका व उनके समर्थकों को मौके से वापस लौटना पड़ा। CJP ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई, वाहनों के शीशे तोड़े गए और पथराव किया गया। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों और भाजपा समर्थकों ने CJP पर बिना अनुमति स्कूल परिसर में पहुंचकर राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप लगाया है।

CJP ने लगाया भाजपा प्रायोजित हमले का आरोप

आशुतोष रांका ने घटना को भाजपा प्रायोजित हमला बताते हुए राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रांका का दावा है कि उनके वालंटियर्स के साथ मारपीट की गई, कुछ कार्यकर्ताओं के हाथ में चोट आई, महिला कार्यकर्ताओं पर मिट्टी फेंकी गई और मोबाइल फोन तोड़े गए। CJP के मुताबिक, उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई और पथराव किया गया।

रांका का आरोप है कि यह कार्रवाई सरकारी स्कूलों की बदहाली को सामने आने से रोकने के लिए की गई। उन्होंने कहा कि CJP सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति देखने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए निरीक्षण कर रही है।

भैंस के बाड़े में स्कूल चलने का CJP का दावा

CJP का दावा है कि रामपुरा कंवरपुरा का सरकारी स्कूल लंबे समय से जर्जर भवन की समस्या से जूझ रहा है। पार्टी के मुताबिक, मुख्य भवन असुरक्षित होने के कारण स्कूल की कक्षाएं टीनशेड में संचालित की जा रही हैं, जिसे CJP ने भैंस के बाड़े जैसा बताया है।

इसी स्थिति का निरीक्षण करने के लिए आशुतोष रांका और उनके समर्थक गांव पहुंचे थे। CJP का कहना है कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाना उसका अभियान है।

ग्रामीणों ने कहा- बिना अनुमति स्कूल में नहीं आने देंगे

दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों और भाजपा समर्थकों ने CJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाहरी लोगों को बिना अनुमति स्कूल परिसर में आकर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। ग्रामीणों का आरोप है कि CJP नेता स्कूल की समस्या के समाधान के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने पहुंचे थे।

ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल भवन की स्थिति सुधारने के लिए सरकार की ओर से 12.50 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया जा चुका है और स्थानीय स्तर पर स्कूल की समस्या का समाधान कराया जाएगा।

बताया जा रहा है कि CJP नेताओं के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता रोक दिया था और स्कूल के बाहर धरना शुरू कर दिया था।

बाहरी लोगों के स्कूल प्रवेश पर रोक का आदेश भी विवाद में

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश को लेकर निर्देश जारी किए जाने का मुद्दा भी चर्चा में है। CJP का कहना है कि यह आदेश उसके स्कूल निरीक्षण अभियान को रोकने की कोशिश है।

पार्टी इस आदेश को वापस लेने की मांग कर रही है और उसका कहना है कि सरकारी स्कूल जनता के पैसे से चलते हैं, इसलिए उनकी स्थिति की पड़ताल और सवाल उठाना जरूरी है।

48 घंटे का अल्टीमेटम

घटना के बाद आशुतोष रांका ने पुलिस और प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। CJP की मांग है कि हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को वापस लिया जाए।

रांका ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो CJP पूरे राजस्थान में आंदोलन करेगी और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग उठाएगी।

फिलहाल इस पूरे मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। हमले के आरोप, तोड़फोड़ और पथराव की वास्तविक स्थिति तथा इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर पुलिस जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।