राजस्थान में 85 लाख वोटर चुनेंगे 3314 सरपंच, 28,682 वार्ड पंचों के लिए मतदान जारी

राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों की 3314 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 28682 वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हो रहा है। करीब 85 लाख मतदाता बैलेट पेपर से दो वोट डाल रहे हैं।

राजस्थान में 85 लाख वोटर चुनेंगे 3314 सरपंच, 28,682 वार्ड पंचों के लिए मतदान जारी

राजस्थान में आज पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान जारी है। प्रदेश के 16 जिलों में 3314 सरपंच और 28,682 वार्ड पंचों के पदों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए वोट डाले जा रहे हैं। करीब 85 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर गांवों की सरकार चुनेंगे। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा।

दो बैलेट पेपर से मतदान, एक वोटर डालेगा दो वोट

इस बार पंच-सरपंच चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराया जा रहा है। मतदाताओं को दो अलग-अलग बैलेट पेपर दिए जा रहे हैं। एक पर सरपंच पद के उम्मीदवार और दूसरे पर वार्ड पंच के प्रत्याशी के लिए वोट देना है।

शाम 6 बजे के बाद शुरू होगी मतगणना

मतदान समाप्त होने के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। पहले वार्ड पंच और उसके बाद सरपंच पद के मतों की गणना की जाएगी। बैलेट पेपर से वोटिंग होने के कारण नतीजे आने में समय लग सकता है। जिन जगहों पर जीत-हार का अंतर कम रहेगा, वहां दोबारा मतगणना की मांग होने पर परिणाम देर रात तक आ सकते हैं।

बाड़मेर में सबसे ज्यादा 419 सरपंच पदों पर चुनाव

पहले चरण में बाड़मेर जिले में सबसे ज्यादा 419 सरपंच पदों के लिए मतदान हो रहा है। वहीं, बीकानेर में 112 और सिरोही में 113 सरपंच पदों पर चुनाव हो रहे हैं। गांवों में स्थानीय समीकरण और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ इन चुनावों में अहम भूमिका निभा सकती है।

 पार्टी सिंबल पर नहीं होते पंच-सरपंच चुनाव

पंच और सरपंच के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते। हालांकि, स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की सक्रियता और गांवों के सियासी समीकरणों का असर चुनावी मुकाबलों में दिखाई देता है।

25 अक्टूबर को होगा उपसरपंच का चुनाव

सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव के बाद 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा। उपसरपंच का चयन आम मतदाता सीधे नहीं करते, बल्कि निर्वाचित वार्ड पंच मिलकर उपसरपंच चुनते हैं।