1 नवंबर से दिल्ली में किन गाड़ियों की एंट्री पर रोक? जानें BS-VI और पीयूसी के नियम
1 नवंबर 2026 से राजस्थान के वाहनों की दिल्ली में एंट्री को लेकर प्रदूषण नियमों की चर्चा है। जानें BS-VI, BS-III, BS-IV वाहनों, पीयूसी प्रमाणपत्र और संभावित प्रतिबंधों से जुड़ी जरूरी बातें।
राजस्थान से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों के लिए 1 नवंबर 2026 से जुड़े नए प्रदूषण नियमों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर सख्ती की बात कही गई है। पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, गैर-BS-VI मानकों वाले कुछ वाहनों की एंट्री पर रोक लगाने और वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) की जांच करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
जयपुर, अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं और कोटपुतली-बहरोड़ समेत राजस्थान के विभिन्न इलाकों से दिल्ली जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले अपने वाहन के उत्सर्जन मानक और पीयूसी प्रमाणपत्र की स्थिति जांच लेनी चाहिए।
1 नवंबर से किन वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक की बात?
रिपोर्ट के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों पर प्रतिबंध लागू करने की बात कही गई है। इसके तहत इन श्रेणियों के वाहन प्रभावित हो सकते हैं:
- BS-III और BS-IV पेट्रोल कारें: निर्धारित प्रतिबंध लागू होने पर दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसी कारों को प्रवेश में परेशानी हो सकती है।
- BS-III और BS-IV डीजल कारें: गैर-BS-VI डीजल वाहनों पर भी प्रस्तावित नियमों के तहत रोक की बात कही गई है।
- BS-IV मालवाहक वाहन: राजस्थान से दिल्ली सामान ले जाने वाले कुछ व्यावसायिक वाहनों पर भी असर पड़ सकता है।
ध्यान दें कि वाहन की उम्र, ईंधन और उत्सर्जन मानक से जुड़े अन्य नियम भी लागू हो सकते हैं। इसलिए केवल निर्माण वर्ष देखकर यह तय न करें कि आपकी गाड़ी दिल्ली में प्रवेश कर सकती है या नहीं।
किन वाहनों को मिल सकती है प्रवेश की अनुमति?
रिपोर्ट में कुछ श्रेणियों के वाहनों को प्रवेश की अनुमति मिलने की बात कही गई है। इनमें शामिल हैं:
- BS-VI पेट्रोल और डीजल वाहन: निर्धारित नियमों और अन्य लागू शर्तों को पूरा करने वाले वाहन।
- इलेक्ट्रिक वाहन: इलेक्ट्रिक कारें और अन्य वाहन, संबंधित नियमों के अधीन।
- सीएनजी, एलपीजी और एलएनजी वाहन: इनके लिए लागू सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नियम तय होंगे।
- आपातकालीन सेवा वाहन: एंबुलेंस और अग्निशमन जैसे आवश्यक सेवा वाहनों पर विशेष प्रावधान लागू हो सकते हैं।
हालांकि, किसी वाहन को छूट मिलेगी या नहीं, यह संबंधित आधिकारिक आदेश और वाहन की श्रेणी पर निर्भर करेगा।
‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम भी जान लें
रिपोर्ट में दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) की जांच की व्यवस्था का भी उल्लेख है। वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका पीयूसी प्रमाणपत्र वैध हो।
यदि प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो गई है, तो यात्रा से पहले मान्यता प्राप्त केंद्र से जांच और नवीनीकरण कराएं। नियमों के उल्लंघन पर लागू कानून के अनुसार कार्रवाई या जुर्माना हो सकता है।
क्या बाइक और स्कूटर भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे?
रिपोर्ट में दोपहिया वाहनों के लिए अलग स्थिति का उल्लेख किया गया है। लेकिन बाइक और स्कूटर के संबंध में भी अंतिम स्थिति लागू सरकारी आदेश से ही स्पष्ट होगी। वाहन चालकों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि हर दोपहिया वाहन को बिना किसी शर्त के प्रवेश मिल जाएगा।
दिल्ली जाने से पहले ये तीन काम जरूर करें
1. आरसी में उत्सर्जन मानक जांचें: अपने वाहन की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में BS मानक देखें।
2. पीयूसी प्रमाणपत्र की वैधता जांचें: यात्रा से पहले सुनिश्चित करें कि प्रमाणपत्र वैध है।
3. आधिकारिक आदेश की पुष्टि करें: दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग के ताजा दिशा-निर्देश देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं, खासकर यदि आपका वाहन BS-III या BS-IV श्रेणी का है।
महत्वपूर्ण: यह जानकारी उपलब्ध समाचार रिपोर्ट पर आधारित है। प्रतिबंध की सटीक शर्तें, छूट और दोपहिया वाहनों पर लागू प्रावधानों की पुष्टि संबंधित सरकारी अधिसूचना से करना जरूरी है।

