जयपुर में फर्जी पहचान बनाकर निकाह करने वाला आतंकी उमर हारिस फरार, सऊदी में छिपने की आशंका

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ फर्जी दस्तावेजों से जयपुर में निकाह कर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर फरार हो गया। जांच में सामने आया कि उसका नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में फैला था और अब उसके सऊदी अरब में छिपे होने की आशंका है।

जयपुर में फर्जी पहचान बनाकर निकाह करने वाला आतंकी उमर हारिस फरार, सऊदी में छिपने की आशंका

उमर हारिस उर्फ 'खरगोश', लश्कर-ए-तैयबा का वह आतंकी जिसने पहचान बदलकर जयपुर में निकाह किया था। निकाह करने के लिए बनवाए थे फर्जी दस्तावेज। जिनका इस्तेमाल कर उसने अपना फर्ज़ी भारतीय पासपोर्ट भी बनवाया था। फिर देश से भाग निकला। भारत से भागने के बाद उसके सऊदी अरब में छिपने का ठिकाना बनाने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल ने अपनी  जांच में इस पूरे मामले का खुलासा किया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकी उमर हारिस साल 2012 में पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आया था। लंबे समय तक सिक्योरिटी एजेंसियों से छिपकर घाटी में अपनी जड़ें मजबूत करता रहा। उसकी फुर्ती और ठिकाने बदलने के चलते उसे 'खरगोश' कोड नेम दिया गया था।

राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में था नेटवर्क

अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच का सुपरविजन कर रही श्रीनगर पुलिस ने उमर हारिस की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ शेयर की। इसमें बताया गया कि श्रीनगर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का खुलासा कर 5 संदिग्धों को पकड़ा। यह गिरफ्तारी हरियाणा के फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय में केंद्रित एक ‘सफेदपोश’ आतंकी सेल के भंडाफोड़ के छह महीने बाद हुई है।

इसमें पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब भी शामिल हैं। आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा 16 साल से फरार था और जम्मू-कश्मीर के बाहर सफलतापूर्वक ठिकाने बना चुका था। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने और उमर हारिस की देशभर में विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गतिविधियों के बारे में बताया।

फर्जी पासपोर्ट बनवाया

जांच में सामने आया कि उत्तरी कश्मीर घाटी में घुसपैठ के दौरान आतंकी उमर हारिस बांदीपोरा और श्रीनगर के विभिन्न स्थानों पर रुका था। लश्कर-ए-तैयबा के एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) की बेटी से निकाह किया। उसने जयपुर में निकाह फेक नाम सज्जाद के साथ किया। निकाह के डॉक्यूमेंट का यूज भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने में भी किया गया था।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में चूक पर सवाल

श्रीनगर पुलिस की ओर से इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने से कई खामियां उजागर हुई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस सत्यापन प्रणाली के बावजूद राजस्थान के अधिकारियों की ओर से पासपोर्ट कैसे जारी किया गया। अधिकारियों ने बताया- लश्कर-ए-तैयबा का यह आतंकवादी इंडोनेशिया भागने में कामयाब रहा। जहां से उसने एक और फेक ट्रैवल डॉक्यूमेंट का यूज करके 2024-25 में सऊदी अरब में अपना ठिकाना बना लिया।