जयपुर तक फैली चोरी की वारदात, 10.5 किलो चांदी के साथ गैंग हुई बेनकाब

जयपुर पुलिस ने हाल ही में गुजरात के भावनगर से जुड़े एक शातिर गिरोह का खुलासा किया है. यह गैंग दिन में सेल्समैन बनकर इलाके की टोह लेता था और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देता था.

जयपुर तक फैली चोरी की वारदात, 10.5 किलो चांदी के साथ गैंग हुई बेनकाब

अगर आपके इलाके में भी कोई फेरीवाला कपड़े या बर्तन बेचने के बहाने बार-बार नजर आ रहा है, तो जरा सतर्क हो जाइए. जयपुर पुलिस ने हाल ही में गुजरात के भावनगर से जुड़े एक शातिर गिरोह का खुलासा किया है. यह गैंग दिन में सेल्समैन बनकर इलाके की टोह लेता था और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देता था. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों के साथ-साथ दिल्ली के एक खरीदार को भी पकड़ लिया है.

रेकी का अनोखा तरीका

डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के मुताबिक, इस गिरोह का मुख्य सदस्य रोशन अपनी पत्नी भावना के साथ मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमता था. दोनों दिन के समय कपड़े और बर्तन बेचने का दिखावा करते थे, लेकिन उनका असली मकसद दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को समझना होता था. वे ऐसी जगहों को चुनते थे जहां चोरी करना आसान हो. 12 अप्रैल की रात इन्होंने सदर इलाके में स्थित विनायक ज्वैलर्स को निशाना बनाया. शटर तोड़कर करीब 14 किलो चांदी के बर्तन और जेवरात चोरी कर लिए गए.

दिल्ली में सस्ता सौदा, चांदी को पिघलाया

चोरी के बाद सभी आरोपी दिल्ली भाग गए. गैंग के सदस्य मनोज ने दिल्ली के खरीदार मनीष हलवदिया से संपर्क किया और करीब 10.5 किलो चांदी सिर्फ 18 लाख रुपये में बेच दी. बची हुई करीब 3.5 किलो चांदी आपस में बांट ली गई. जांच के दौरान पुलिस को जब सुराग मिला, तो उन्होंने दिल्ली के गणेश विहार इलाके में एक होटल में छापा मारा. वहां जो सामने आया, वह चौंकाने वाला था. आरोपी मनीष ने पकड़े जाने के डर से चांदी को पिघलाकर उसकी सिल्लियां बना दी थीं और उन्हें कमरे में छिपा रखा था.

कौन-कौन हैं आरोपी?

पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें राकेश उर्फ राकला को गिरोह का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है. रोशन उर्फ पावला और उसकी पत्नी भावना रेकी का काम करते थे. मनोज उर्फ मणिया दिल्ली में संपर्क और सौदे संभालता था. वहीं मनीष हलवदिया चोरी का माल खरीदने वाला व्यक्ति है, जिसने चांदी को पिघलाकर सिल्लियों में बदल दिया.

कई राज्यों में फैला नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय था. जयपुर के अलावा रेवाड़ी, भिवानी, सीकर और कोटपूतली जैसे इलाकों में भी इनके खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान और भी चोरी की घटनाओं का खुलासा होगा और बाकी बचा हुआ माल भी बरामद किया जा सकेगा.