पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले IPS अजय पाल शर्मा पर घमासान
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले IPS अजय पाल शर्मा पर घमासान, विपक्ष ने ‘भाजपा एजेंट’ बताकर उठाए गंभीर सवाल, बीते 60 घंटों में पूरे राज्य से 2473 लोगों को गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की नियुक्ति को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। चुनाव ड्यूटी के दौरान उन्हें पुलिस ऑब्जर्वर बनाए जाने पर विपक्षी दलों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के बाद अब समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। पार्टी ने अजय पाल शर्मा पर भाजपा से करीबी संबंध होने का आरोप लगाते हुए उन्हें “भाजपा एजेंट” तक करार दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशीष वर्मा ने कहा कि शर्मा का सेवा रिकॉर्ड विवादों से घिरा रहा है और उनके खिलाफ कई एनकाउंटर के मामले सामने आ चुके हैं।
वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि अजय पाल शर्मा खुद को “सिंघम” की छवि में पेश करते हैं और सोशल मीडिया पर रील्स बनाते हैं। साथ ही उन्होंने आईपीएस और डीएसपी स्तर की पोस्टिंग में पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।
वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की ओर से पक्षपातपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत में तनाव और बढ़ गया है, वहीं चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
वही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा कदम उठाया है। बीते 60 घंटों में पूरे राज्य से 2473 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रह सके। संवेदनशील बूथों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और हर इलाके में भारी पुलिस बल व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे किसी भी तरह की हिंसा की संभावना को खत्म किया जा सके।
दूसरे और अंतिम चरण का प्रचार खत्म होने के बाद कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आयोग की प्राथमिकता हर मतदाता को सुरक्षित माहौल में वोट देने का मौका देना है। उन्होंने लोगों से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, शहर की ऊंची इमारतों में भी मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं, ताकि मतदाताओं को सुविधा मिल सके और मतदान प्रतिशत बढ़े।
Ayush Pareek 
