Dadiya Panchayat Elections: ‘हर घर नल से पानी पहुंचाना पहली प्राथमिकता’, सरपंच प्रत्याशी सुरेश कुमार चौधरी ने बताया विकास का विजन
दादिया ग्राम पंचायत से सरपंच पद के प्रत्याशी रामजीलाल यादव ने पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सरकारी योजनाओं को लेकर अपना विकास विजन साझा किया।
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच ग्राम पंचायतों में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं। सरपंच पद के प्रत्याशी ग्रामीणों के बीच पहुंचकर अपनी योजनाएं साझा कर रहे हैं। गांवों में पेयजल, शिक्षा, सड़क, बिजली और सरकारी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे चुनावी चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। इसी क्रम में PK Times की टीम जयपुर की दादिया ग्राम पंचायत पहुंची, जहां सरपंच पद के प्रत्याशी सुरेश कुमार चौधरी से गांव के विकास को लेकर विशेष बातचीत की गई। इंटरव्यू के दौरान सुरेश कुमार चौधरी ने कहा कि उनका उद्देश्य दादिया ग्राम पंचायत में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। उन्होंने पेयजल को गांव की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बताते हुए कहा कि यदि जनता उन्हें सरपंच चुनती है, तो हर घर तक नल से पानी पहुंचाने की दिशा में काम करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। इसके अलावा उन्होंने सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा, महिलाओं के लिए स्वरोजगार, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता और गांव की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने की योजनाएं भी साझा कीं। पढ़िए सुरेश कुमार चौधरी से PK Times की विशेष बातचीत के प्रमुख सवाल और जवाब।
सवाल 1: आप दादिया ग्राम पंचायत से सरपंच पद का चुनाव लड़ रहे हैं। गांव के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?
सुरेश कुमार चौधरी: सबसे पहले मैं दादिया ग्राम पंचायत के सभी निवासियों को प्रणाम करता हूं। मेरा उद्देश्य ग्राम पंचायत का समग्र विकास करना है। गांव में पानी, सड़क, रोड लाइट, शिक्षा और महिलाओं से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम करूंगा। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई बुनियादी समस्याएं हैं, जिनका समाधान होना जरूरी है। मेरा प्रयास रहेगा कि ग्राम पंचायत के हर क्षेत्र में विकास कार्य हों और लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
सवाल 2: सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए आपकी क्या प्राथमिकताएं रहेंगी?
सुरेश कुमार चौधरी: मेरा मानना है कि गांव के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा की सुविधाएं मिलनी चाहिए। आज तकनीक का समय है। इसलिए मेरा प्रयास रहेगा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़ी कक्षाएं शुरू करवाने की संभावनाओं पर काम किया जाए। इसके अलावा म्यूजिक क्लास और अन्य गतिविधियों की सुविधा विकसित करने का भी प्रयास करेंगे। बच्चों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि उनकी रुचि के अनुसार दूसरी गतिविधियों में आगे बढ़ने का अवसर भी मिलना चाहिए। हम चाहते हैं कि दादिया के बच्चे पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा भी विकसित कर सकें।
सवाल 3: कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी रहती है। इस समस्या का समाधान कैसे करेंगे?
सुरेश कुमार चौधरी: जहां सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार और शिक्षा विभाग से बातचीत करेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि बच्चों की पढ़ाई शिक्षकों की कमी के कारण प्रभावित न हो। स्कूलों में अलग-अलग विषयों की पढ़ाई के लिए आवश्यक शिक्षक उपलब्ध हों, इसके लिए संबंधित अधिकारियों के सामने मांग रखी जाएगी। मेरा उद्देश्य है कि ग्राम पंचायत के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त हों।
सवाल 4: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार से जोड़ने के लिए आपकी क्या योजना है?
सुरेश कुमार चौधरी: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
सरकार की ओर से महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि पात्र महिलाओं तक इन योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचे। विशेष रूप से स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन और अन्य उपलब्ध सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश करेंगे। हम चाहते हैं कि महिलाएं अपने घर से भी रोजगार के अवसर विकसित कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। इसके लिए जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।
सवाल 5: महिलाओं की सुरक्षा के लिए ग्राम पंचायत में क्या कदम उठाएंगे?
सुरेश कुमार चौधरी: महिलाओं की सुरक्षा बहुत जरूरी है। मेरा प्रयास रहेगा कि गांव के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और जरूरी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। इसके अलावा जहां सड़कों और गलियों में अंधेरा रहता है, वहां रोड लाइट की व्यवस्था बेहतर बनाने पर ध्यान देंगे। हम चाहते हैं कि महिलाएं और बेटियां गांव में सुरक्षित महसूस करें। सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाकर समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
सवाल 6: दादिया के किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए क्या योजना है?
सुरेश कुमार चौधरी: हमारा प्रयास रहेगा कि किसानों को खेती के लिए जरूरी खाद और बीज की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हों। कई बार किसानों को खाद और बीज लेने के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। हम चाहते हैं कि ग्राम पंचायत दादिया में ही ऐसी सुविधा विकसित हो, जहां किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी सामग्री आसानी से मिल सके। इसके लिए कृषि विभाग और संबंधित संस्थाओं से बातचीत की जाएगी।
सवाल 7: क्या आप किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे?
सुरेश कुमार चौधरी: बिल्कुल। किसानों को जैविक खेती और जैविक खाद के उपयोग के प्रति जागरूक करना हमारी प्राथमिकताओं में रहेगा। मेरा प्रयास रहेगा कि किसानों को जैविक खाद की उपलब्धता और उसके उपयोग से जुड़ी जानकारी मिले। इसके लिए कृषि विभाग के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाने की दिशा में काम किया जा सकता है। हम चाहते हैं कि किसानों को खेती के नए विकल्पों की जानकारी मिले और वे अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर कृषि पद्धतियां अपना सकें।
सवाल 8: दादिया में पेयजल की समस्या को लेकर आपका क्या प्लान है?
सुरेश कुमार चौधरी: पानी की समस्या गांव की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। आज भी कई परिवारों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। यदि जनता मुझे सरपंच चुनती है, तो मेरी पहली प्राथमिकता हर घर तक नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था के लिए काम करना होगी। इसके लिए सरकार की संबंधित पेयजल योजनाओं का लाभ ग्राम पंचायत तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। जहां पानी की पाइपलाइन की जरूरत है, वहां संबंधित विभाग से बातचीत करके पाइपलाइन बिछवाने की दिशा में काम किया जाएगा। मेरा उद्देश्य है कि ग्राम पंचायत के लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।
सवाल 9: बारिश के समय गांव की सड़कें खराब हो जाती हैं। सड़क और नालियों के विकास के लिए क्या करेंगे?
सुरेश कुमार चौधरी: बारिश के दिनों में कई सड़कें खराब हो जाती हैं। इससे ग्रामीणों के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी होती है। कई बार रास्ते खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत आती है और वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। मेरा प्रयास रहेगा कि ऐसी सड़कों की पहचान करके उनकी मरम्मत और आवश्यकतानुसार निर्माण करवाया जाए। इसके साथ ही पानी की निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था बेहतर बनाने पर भी काम करेंगे। हम चाहते हैं कि बारिश के समय लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
सवाल 10: गांव की सड़कों और गलियों में अंधेरे की समस्या को लेकर आपकी क्या योजना है?
सुरेश कुमार चौधरी: ग्राम पंचायत में रोड लाइट की व्यवस्था बेहतर बनाना भी हमारी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। जहां सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं है, वहां स्ट्रीट लाइट लगवाने का प्रयास करेंगे। रात के समय गांव के लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से प्रमुख रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था बेहतर करने के लिए काम करेंगे। इससे ग्रामीणों को सुविधा मिलने के साथ सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है।
सवाल 11: यदि दादिया की जनता आपको सरपंच चुनती है, तो शुरुआती 100 दिनों में आपकी मुख्य प्राथमिकताएं क्या होंगी?
सुरेश कुमार चौधरी: मेरी पहली प्राथमिकता पेयजल की समस्या होगी। सबसे पहले उन इलाकों की समस्याओं पर ध्यान देंगे, जहां लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी हो रही है। सरकारी पेयजल योजनाओं के माध्यम से हर घर नल कनेक्शन की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए प्रयास शुरू करेंगे। इसके बाद बच्चों की शिक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देंगे। सरकारी स्कूलों में जरूरी सुविधाओं और शिक्षकों की उपलब्धता के लिए संबंधित विभागों से बातचीत की जाएगी। तीसरी प्राथमिकता सड़कों और नालियों का विकास रहेगा। खासकर उन रास्तों पर ध्यान देंगे, जहां बारिश के समय बच्चों और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसके अलावा गांव में रोड लाइट की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए भी काम शुरू करेंगे। मेरा प्रयास रहेगा कि शुरुआती 100 दिनों में पानी, शिक्षा, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल की जाए।

