पंचायत समिति चुनाव: ‘वादे नहीं, जमीन पर काम करके दिखाना है’, वार्ड नंबर 8 से कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र सिंह ने बताया अपना विजन
पंचायत समिति वार्ड नंबर 8 से कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र सिंह ने सड़क, स्कूलों की सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, बुजुर्गों की सहायता और किसानों के लिए अपनी विकास योजनाएं बताईं।
पंचायती राज चुनावों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो रही हैं। पंचायत समिति सदस्य पद के प्रत्याशी लगातार मतदाताओं के बीच पहुंचकर अपनी योजनाएं और विकास का विजन साझा कर रहे हैं। इसी कड़ी में PK Times ने पंचायत समिति के वार्ड नंबर 8 से कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र सिंह से विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण, सरकारी स्कूलों की सुरक्षा, युवाओं को तकनीकी शिक्षा, महिला सुरक्षा, बुजुर्गों की सुविधाओं और किसानों की समस्याओं को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बताईं। जितेंद्र सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य बड़े-बड़े चुनावी वादे करना नहीं, बल्कि पंचायत समिति सदस्य के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कार्यों को धरातल पर लागू करवाना है।
पढ़िए जितेंद्र सिंह से बातचीत के प्रमुख सवाल और उनके जवाब।
सवाल 1: आप वार्ड नंबर 8 से पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। अपने क्षेत्र के विकास को लेकर आपका क्या विजन है?
जितेंद्र सिंह: मेरा सबसे पहला उद्देश्य पंचायत समिति सदस्य के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विकास कार्यों को जमीन पर लागू करवाना है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम करूंगा। बारिश के समय सड़कों पर गड्ढे हो जाते हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है। मेरा प्रयास रहेगा कि इन सड़कों की मरम्मत हो और जहां संभव हो, वहां नई तकनीक का उपयोग करके बेहतर सड़कें बनवाई जाएं। मैं केवल वादे नहीं करना चाहता। जो काम मेरी जिम्मेदारी और अधिकार क्षेत्र में आएंगे, उन्हें पूरा करवाने का प्रयास करूंगा।
सवाल 2: सरकारी स्कूलों की सुरक्षा और जर्जर भवनों की समस्या को लेकर आपकी क्या योजना है?
जितेंद्र सिंह: सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। बारिश के दौरान कई स्कूलों की छतों पर पानी भर जाता है। इससे भवनों के कमजोर होने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। मेरा प्रयास रहेगा कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति का निरीक्षण करवाया जाए। जहां छतों पर जलभराव, नालियों में रुकावट या भवन की मरम्मत की जरूरत होगी, वहां संबंधित विभाग के माध्यम से समस्या का समाधान करवाने की कोशिश करेंगे। बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिले, यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
सवाल 3: बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आपकी क्या योजना है?
जितेंद्र सिंह: आज का समय टेक्नोलॉजी का है। नई पीढ़ी को शुरुआत से ही आधुनिक तकनीक की जानकारी मिलनी चाहिए। मेरा मानना है कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और हाथ का हुनर भी सिखाना जरूरी है। यदि बच्चे पढ़ाई के साथ कोई तकनीकी कौशल सीखते हैं, तो भविष्य में वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि स्कूलों में बच्चों को नई तकनीक और कौशल आधारित शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
सवाल 4: क्या आप बच्चों को तकनीकी शिक्षा देने के लिए बाहर से विशेषज्ञों को बुलाने की योजना भी रखते हैं?
जितेंद्र सिंह: मेरा उद्देश्य रहेगा कि बच्चों को आधुनिक तकनीक के बारे में अधिक से अधिक जानकारी मिले। जहां संभव होगा, वहां विशेषज्ञों के सहयोग से बच्चों को नई तकनीक और कौशल के बारे में जानकारी दिलाने का प्रयास करेंगे। मैं स्वयं भी स्कूलों में जाकर बच्चों को प्रेरित करना चाहूंगा कि वे अपने बलबूते पर कुछ नया करने की क्षमता विकसित करें। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे बच्चे भविष्य में अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
सवाल 5: महिलाओं की सुरक्षा और उनके विकास को लेकर आपका क्या विजन है?
जितेंद्र सिंह: महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है। मेरा मानना है कि महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आना जरूरी है। कई बार महिलाओं को अभद्र टिप्पणियों और गलत व्यवहार का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ानी होगी। मेरा प्रयास रहेगा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाए और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिले। इसके लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
सवाल 6: बुजुर्गों को पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए क्या करेंगे?
जितेंद्र सिंह: कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जो उम्र या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण सरकारी कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाते। कुछ बुजुर्ग पढ़े-लिखे नहीं हैं, जिससे उन्हें सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करने में भी परेशानी होती है। मेरा विजन है कि पंचायत स्तर पर ऐसी व्यवस्था विकसित हो, जिससे जरूरतमंद बुजुर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सहायता मिल सके। मैं प्रयास करूंगा कि पंचायत मुख्यालय पर किसी कर्मचारी या सहायता व्यवस्था के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का समाधान हो। यदि संभव हुआ, तो बुजुर्गों को जरूरी सरकारी कार्यों के लिए लाने और वापस घर छोड़ने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध करवाने का भी प्रयास करेंगे।
सवाल 7: किसानों को खाद की कमी और बिजली की समस्या से राहत दिलाने के लिए आपकी क्या योजना है?
जितेंद्र सिंह: किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेती के सीजन में खाद की कमी होने से किसानों को काफी परेशानी होती है। मेरा प्रयास रहेगा कि किसानों की खाद संबंधी समस्याओं को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना जरूरी है। सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों और अन्य कृषि तकनीकों से किसानों को काफी लाभ मिल सकता है। मैं सरकार से मांग करूंगा कि किसानों को ऐसी तकनीकों के लिए अधिक से अधिक सब्सिडी और सहायता उपलब्ध करवाई जाए। किसान मजबूत होगा, तभी देश मजबूत होगा।
सवाल 8: गांवों में सोलर पैनल और आधुनिक कृषि तकनीक को लेकर जागरूकता की कमी है। इसे कैसे दूर करेंगे?
जितेंद्र सिंह: कई किसान नई तकनीक अपनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं मिल पाती। खासकर बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे किसानों को सरकारी योजनाओं की प्रक्रिया समझने में परेशानी होती है। मेरा सुझाव है कि पंचायत समिति और संबंधित विभागों के कर्मचारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें। उन्हें वार्ड और गांव के अनुसार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। किसानों को बताया जाए कि सोलर पैनल लगाने से क्या लाभ होगा, कितनी सरकारी सहायता मिल सकती है और आवेदन कैसे किया जाएगा। जब किसानों को पूरी जानकारी मिलेगी, तभी वे नई तकनीक अपनाने के लिए आगे आएंगे।
सवाल 9: क्या आप सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को गांवों तक पहुंचाने के लिए भी प्रयास करेंगे?
जितेंद्र सिंह: मेरा मानना है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि संबंधित विभागों के कर्मचारी गांवों में जाकर लोगों से बातचीत करें। वार्ड के अनुसार गांवों का चयन करके जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। इससे ग्रामीणों को योजनाओं की सही जानकारी मिलेगी और वे उनका लाभ लेने के लिए आगे आएंगे। मेरा प्रयास रहेगा कि पंचायत समिति स्तर पर इस तरह की व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाए।
सवाल 10: यदि जनता आपको पंचायत समिति सदस्य चुनती है, तो शुरुआती 100 दिनों का आपका क्या रोडमैप रहेगा?
जितेंद्र सिंह: मेरा सबसे पहला काम पंचायत समिति सदस्य की जिम्मेदारियों और अधिकार क्षेत्र का विस्तार से अध्ययन करना होगा। मैं बिना जानकारी के बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहता। सबसे पहले समझूंगा कि पंचायत समिति सदस्य के माध्यम से कौन-कौन से कार्य करवाए जा सकते हैं और किन कार्यों के लिए संबंधित विभागों से सहयोग लेना होगा। इसके बाद क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के अनुसार उठाऊंगा। मेरा उद्देश्य वही काम करने का वादा करना है, जिन्हें करवाने के लिए मैं वास्तव में प्रयास कर सकता हूं। मैं चाहता हूं कि जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम दिखाई दे।
शिक्षा और तकनीक पर विशेष जोर, किसानों के लिए जागरूकता बढ़ाने की योजना
PK Times से बातचीत में जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताओं में सड़क निर्माण और मरम्मत, सरकारी स्कूलों की सुरक्षा, बच्चों को तकनीकी शिक्षा, महिला सुरक्षा, बुजुर्गों की सहायता और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना शामिल है। उन्होंने पंचायत समिति सदस्य के अधिकार क्षेत्र को समझने के बाद विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की बात कही। जितेंद्र सिंह का कहना है कि ग्रामीण विकास के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों को मिलकर काम करना होगा। हालांकि, उनके द्वारा बताई गई कई योजनाओं को लागू करने के लिए संबंधित विभागों की स्वीकृति, बजट और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता होगी। वार्ड नंबर 8 के मतदाता जितेंद्र सिंह के विजन पर कितना भरोसा जताते हैं, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

