राजस्थान विधानसभा में पहले दिन सिर्फ 21 मिनट चली कार्यवाही, श्रद्धांजलि के बाद सदन स्थगित

राजस्थान विधानसभा में पहले दिन सदन की कार्यवाही महज 21 मिनट में पूरी हो गई। सदन में दिवंगत नेताओं और पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राजस्थान विधानसभा में पहले दिन सिर्फ 21 मिनट चली कार्यवाही, श्रद्धांजलि के बाद सदन स्थगित

राजस्थान विधानसभा की पहले दिन की कार्यवाही महज 21 मिनट चली। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सुबह 11:22 बजे सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद विधानसभा के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकों ने भी अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। 

राजस्थान विधानसभा में पहले दिन सदन की कार्यवाही महज 21 मिनट में पूरी हो गई। सदन में दिवंगत नेताओं और पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही सुबह शुरू हुई और श्रद्धांजलि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुबह 11:22 बजे विधानसभा को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

पहले दिन नहीं हुई लंबी विधायी कार्यवाही

विधानसभा के पहले दिन मुख्य रूप से दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने की कार्यवाही हुई। इसके चलते सदन में प्रश्नकाल, विभिन्न मुद्दों पर लंबी चर्चा या सरकार-विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस देखने को नहीं मिली। महज 21 मिनट में सदन स्थगित होने के बाद अब राजनीतिक नजरें अगले दिन की कार्यवाही पर रहेंगी।

कांग्रेस विधायकों ने भी खत्म किया धरना

सदन स्थगित होने के तुरंत बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार के बाहर चल रहा अपना धरना भी समाप्त कर दिया। कांग्रेस विधायक विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे थे। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक जयपुर के पोद्दार स्कूल पहुंचे थे और सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं तथा मीडिया कवरेज संबंधी नियमों के विरोध में विधानसभा की ओर मार्च किया था। 

अब अगले दिन सरकार-विपक्ष के टकराव पर नजर

पहले दिन श्रद्धांजलि के कारण सदन में राजनीतिक मुद्दों पर ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी, लेकिन अगले दिन से विधानसभा की कार्यवाही के गरमाने की संभावना है। कांग्रेस सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल परिसरों में मीडिया और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को लेकर जारी निर्देशों समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में पहले दिन भले ही विधानसभा की कार्यवाही सिर्फ 21 मिनट चली हो, लेकिन आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव सदन के अंदर तेज हो सकता है।