रामलीला मैदान की ओर बढ़ा INDIA गठबंधन का काफिला, राहुल-अखिलेश समेत कई नेता खुली बस में सवार
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के लिए राहुल गांधी, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी समेत कई नेता पहुंचे। जानें चुनाव आयोग, एसआईआर और कारोबारियों से जुड़े मुद्दों पर क्या हुआ।
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली को लेकर सियासी हलचल तेज है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित इस रैली में विपक्षी दलों के कई नेता शामिल हुए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जुटने के बाद राहुल गांधी, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी समेत कई नेता खुली बसों में सवार होकर रामलीला मैदान की ओर रवाना हुए।
गठबंधन का काफिला मिंटो रोड से होते हुए रामलीला मैदान की ओर बढ़ा। रैली में चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ कारोबारियों की चिंताओं को भी उठाया जा रहा है।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता एक बस में
रैली के लिए INDIA गठबंधन के कई नेता एक साथ जुटे। राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी समेत कई नेता खुली बस में सवार होकर रामलीला मैदान की ओर रवाना हुए।
रास्ते में कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं की ओर से नारेबाजी भी की गई। रैली स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के जुटने की जानकारी सामने आई है।
रेणुका चौधरी बोलीं- देशभर से लोग पहुंचे
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने रैली को लेकर कहा कि पूरे भारत में उत्साह का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि लोग अपने वोट और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर यहां आए हैं। कारोबारियों को होने वाले संभावित नुकसान के आरोपों पर उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए कपड़े खरीदने और त्योहार के दौरान बाजार जाने से किसी नुकसान की बात करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने रैली की अनुमति दी है और जंतर-मंतर की जगह रामलीला मैदान में आयोजन करने को कहा गया था।
बीजेपी ने रैली को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
रैली को लेकर बीजेपी नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली में बीजेपी सांसद रवि किशन ने कांग्रेस पर व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और गरीबों की परेशानियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसकी नीतियों से प्रभावित लोगों से इस बारे में क्यों नहीं पूछा जाता। रवि किशन ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने और देश की प्रगति में रुकावट पैदा करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कांग्रेस से कई मुद्दों पर सवाल पूछते हुए कहा कि उसे देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन नीतियों और मुद्दों को लेकर आगे बढ़ना चाहती है।
सौगत रॉय ने बताया बड़ा आयोजन
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने रैली को बड़ा आयोजन बताया। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं।
इस रैली के जरिए INDIA गठबंधन चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
कारोबारियों ने जताई बाजार प्रभावित होने की चिंता
रैली को लेकर कारोबारियों की ओर से भी चिंता जताई गई है। एनडीटीए के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि पिछले दो महीनों में व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
उनके मुताबिक, दीपावली के मौसम में कारोबार बढ़ने की उम्मीद में व्यापारियों ने पहले से सामान का स्टॉक किया था। उन्होंने कहा कि अक्टूबर से फरवरी तक का समय आमतौर पर कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस बार बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी।
कारोबारियों ने पहले रैली को दीपावली के बाद आयोजित करने की मांग की थी। उनका कहना है कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए बाजार पहुंचते हैं और रैली से बाजार की गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।
AIMIM ने खुद को INDIA गठबंधन से अलग बताया
रैली को लेकर AIMIM की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है और उसे इस रैली के लिए आमंत्रित भी नहीं किया गया।
वहीं, बीजेपी और जेडीयू नेताओं ने रैली को लेकर विपक्ष पर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, गठबंधन के नेताओं का कहना है कि आयोजन के जरिए चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाया जा रहा है।
रैली के दौरान नेताओं के भाषण और आगे सामने आने वाले राजनीतिक बयानों से इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।

