Dadiya Panchayat Elections: ‘वोट मांगने आते हैं, फिर वादे कागजों में रह जाते हैं’, ग्रामीणों ने उठाए पानी और सड़क के मुद्दे

जयपुर की दादिया ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने सड़क, बीसलपुर पानी, लाइब्रेरी, रोड लाइट और सफाई की समस्याएं उठाईं। बातचीत में कुछ लोगों ने सरपंच प्रत्याशी रामजीलाल यादव के समर्थन में भी राय रखी।

Dadiya Panchayat Elections: ‘वोट मांगने आते हैं, फिर वादे कागजों में रह जाते हैं’, ग्रामीणों ने उठाए पानी और सड़क के मुद्दे

राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच गांवों में नई सरकार चुनने को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं। सरपंच पद के प्रत्याशी जनसंपर्क में जुटे हैं और ग्रामीणों के सामने विकास के अपने-अपने वादे रख रहे हैं। वहीं, मतदाता भी इस बार गांव की बुनियादी समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। इसी क्रम में PK Times की टीम जयपुर की दादिया ग्राम पंचायत पहुंची, जहां युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं से गांव के विकास और आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बातचीत की गई। दादिया गांव बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन के कारण भी चर्चा में रहता है। हालांकि, बातचीत में कई ग्रामीणों ने शिकायत की कि गांव में आज भी पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और नियमित सफाई जैसी सुविधाओं की कमी है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी विकास के वादे करते हैं, लेकिन कई समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं। कुछ ग्रामीणों ने सरपंच पद के प्रत्याशी रामजीलाल यादव का समर्थन भी व्यक्त किया। हालांकि, यह बातचीत कुछ स्थानीय निवासियों की राय को दर्शाती है, न कि पूरी ग्राम पंचायत के मतदाताओं का रुख। पढ़िए दादिया के ग्रामीणों से PK Times की विशेष बातचीत के प्रमुख सवाल और जवाब।

सवाल 1: दादिया ग्राम पंचायत में आप किस तरह का विकास चाहते हैं? आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या है?

ग्रामीण: हम ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। हमारी पहली उम्मीद यही है कि जो भी सरपंच बने, वह गांव की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे। सबसे बड़ा मुद्दा सड़कों का है। गांव में कई सड़कें खराब हैं और ढाणियों तक जाने वाले कुछ रास्ते आज भी कच्चे हैं। हम चाहते हैं कि इन रास्तों पर पहले ग्रेवल का काम हो और जहां जरूरत है, वहां पक्की सड़कें बनाई जाएं। लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से बारिश के दिनों में खराब रास्तों के कारण समस्या बढ़ जाती है। जो भी नया सरपंच बने, उसे सड़क निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सवाल 2: सड़क के अलावा दादिया गांव की दूसरी सबसे बड़ी समस्या क्या है? 

ग्रामीण: दूसरी सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। हमारे गांव में अभी तक बीसलपुर का पानी नहीं पहुंचा है। हम लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि हर घर तक पानी पहुंचे, ताकि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़े। गांव में पानी की व्यवस्था बेहतर हो जाए, तो बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है।

सवाल 3: गांव के बच्चों और युवाओं की शिक्षा के लिए आप क्या सुविधाएं चाहते हैं?

ग्रामीण: हमारे गांव के बच्चे पढ़ाई करने के लिए दूर-दूर की लाइब्रेरी में जाते हैं। इससे उनका समय भी खर्च होता है और आने-जाने पर पैसे भी लगते हैं। हम चाहते हैं कि गांव में या आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में एक अच्छी लाइब्रेरी बनाई जाए। यदि सरकारी लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध हो जाए, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। गांव में पढ़ाई के लिए उचित वातावरण और सुविधाएं होनी चाहिए।

सवाल 4: क्या किसी सरपंच प्रत्याशी ने इन समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया है? 

ग्रामीण: रामजीलाल यादव ने हमसे इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने की बात कही है। हमें उम्मीद है कि यदि वह सरपंच बनते हैं, तो सड़क, पानी और लाइब्रेरी जैसी जरूरतों पर काम करेंगे। हमारे अनुसार, वह पढ़े-लिखे उम्मीदवार हैं और हमें उनसे विकास की उम्मीद है। यह ग्रामीण की व्यक्तिगत राय है। अन्य प्रत्याशियों की योग्यता और चुनावी दावों का स्वतंत्र तुलनात्मक आकलन इस बातचीत में नहीं किया गया।

सवाल 5: आपने पहले भी पंचायत चुनाव देखे हैं। इस बार के चुनाव में क्या बदलाव नजर आ रहा है? 

बुजुर्ग ग्रामीण: पहले और अब के चुनावों में काफी अंतर आ गया है। पहले सीमित लोग चुनाव लड़ते थे, लेकिन अब ज्यादा लोग सरपंच पद के लिए सामने आते हैं। नई पीढ़ी के लोग भी चुनाव में भाग ले रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरपंच ऐसा व्यक्ति बने, जिसे गांव की समस्याओं की समझ हो और जो विकास कार्य करवा सके।

सवाल 6: इस बार आप किस उम्मीदवार से ज्यादा उम्मीद रखते हैं?

बुजुर्ग ग्रामीण: हमारी राय में रामजीलाल यादव से विकास की उम्मीद है। वह पहले वार्ड सदस्य रह चुके हैं और उन्हें पंचायत से जुड़े कामों का अनुभव है। दूसरे प्रत्याशी भी अच्छे हो सकते हैं, लेकिन हमें लगता है कि अनुभव होने से गांव के काम करवाने में मदद मिल सकती है। हम चाहते हैं कि जो भी व्यक्ति सरपंच बने, वह गांव की समस्याओं का समाधान करे।

 

सवाल 7: आपके अनुसार दादिया गांव में सबसे जरूरी विकास कार्य कौन से हैं? 

एक अन्य ग्रामीण: गांव में अच्छी सड़कें बननी चाहिए, पानी की व्यवस्था होनी चाहिए और बच्चों की शिक्षा बेहतर होनी चाहिए। यही हमारी प्रमुख जरूरतें हैं। गांव के लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिलें और विकास कार्य नियमित रूप से होते रहें। हम चाहते हैं कि सरपंच गांव की जरूरतों को समझे और उनके समाधान के लिए काम करे।

सवाल 8: आपने कई पंचायत चुनाव देखे हैं। पहले के मुकाबले अब क्या बदलाव महसूस करते हैं? 

बुजुर्ग ग्रामीण: पहले चुनाव का माहौल अलग होता था। उस समय कम लोग चुनाव में खड़े होते थे।

अब ज्यादा लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन हमारे लिए जरूरी यह नहीं है कि कितने उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जरूरी यह है कि जो व्यक्ति चुना जाए, वह गांव का विकास करे और गांव को आगे बढ़ाए। हम ऐसे उम्मीदवार को पसंद करेंगे, जो काम करने की क्षमता रखता हो।  

सवाल 9: दादिया को आदर्श गांव कहा जाता है। क्या आपको लगता है कि गांव में आदर्श सुविधाएं उपलब्ध हैं? 

ग्रामीण: हमारा गांव आदर्श गांव के रूप में जाना जाता है, लेकिन हमें ऐसा नहीं लगता कि यहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। गांव में सड़कों की समस्या है। कई जगह रोड लाइट की कमी है और पानी की परेशानी भी बनी हुई है। अभी गांव में पानी की मोटर खराब होने की वजह से टंकी में पानी नहीं पहुंचने की शिकायत आई थी। हमने संबंधित लोगों से संपर्क भी किया। हम चाहते हैं कि सरपंच ऐसा हो, जो इन समस्याओं पर तुरंत ध्यान दे और संबंधित विभागों से समाधान करवाए। सिर्फ नाम से आदर्श गांव नहीं बनता। गांव में सुविधाएं भी अच्छी होनी चाहिए।

सवाल 10: दादिया में बड़े राजनीतिक कार्यक्रम होते हैं। क्या उनका लाभ गांव के विकास में दिखाई देता है? 

ग्रामीण: दादिया में बड़े-बड़े राजनीतिक कार्यक्रम होते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे नेताओं के कार्यक्रमों का भी ग्रामीणों ने जिक्र किया।लेकिन हमारी शिकायत है कि इन कार्यक्रमों के बावजूद गांव में सड़क, पानी और रोड लाइट जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। जब बड़े कार्यक्रम होते हैं, तब सफाई कर दी जाती है। लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद नियमित सफाई की स्थिति पहले जैसी हो जाती है। हम चाहते हैं कि गांव में केवल किसी कार्यक्रम के समय नहीं, बल्कि पूरे साल सफाई हो।

सवाल 11: क्या आप चाहते हैं कि दादिया में सफाई की नियमित व्यवस्था बने? 

ग्रामीण: बिल्कुल। गांव में सफाई केवल एक दिन या किसी बड़े कार्यक्रम के लिए नहीं होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि साल के 365 दिन सफाई की व्यवस्था रहे। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी नहीं होनी चाहिए। जो भी सरपंच बने, वह सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करे। गांव में साफ-सफाई रहेगी, तो लोगों को भी बेहतर वातावरण मिलेगा।

सवाल 12: बीसलपुर के पानी को लेकर पहले भी वादे हुए हैं। क्या ग्रामीणों को उनका लाभ मिला? 

ग्रामीण: हमारे यहां बीसलपुर का पानी पहुंचाने का आश्वासन कई बार दिया गया है। कुछ जगह पाइपलाइन बिछी हुई है, लेकिन हमारी शिकायत है कि अब तक पानी की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई।

चुनाव के समय प्रत्याशी आते हैं और पानी की समस्या दूर करने की बात करते हैं। लेकिन चुनाव के बाद भी समस्या बनी रहती है। हम चाहते हैं कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पानी की व्यवस्था वास्तव में शुरू हो।

सवाल 13: जब चुनाव के बाद वादे पूरे नहीं होते, तो क्या आप जनप्रतिनिधियों से सवाल करते हैं?

ग्रामीण: हम कई बार जनप्रतिनिधियों के पास अपनी समस्याएं लेकर गए हैं। हमें बताया जाता है कि काम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और कागजी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन हमें जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए। “कोशिश कागजों में चल रही है, लेकिन काम कब होगा?” हम चाहते हैं कि जनप्रतिनिधि केवल प्रक्रिया की जानकारी न दें, बल्कि काम की प्रगति भी बताएं। जब सड़क बनेगी और पानी पहुंचेगा, तभी लोगों को राहत मिलेगी।

 

सवाल 14: इस बार सरपंच चुनाव को लेकर बुजुर्ग मतदाताओं की क्या उम्मीदें हैं? 

बुजुर्ग ग्रामीण: हमारी उम्मीद है कि गांव में विकास हो। जो भी सरपंच बने, वह गांव के लोगों की समस्याओं को समझे। हम चाहते हैं कि सड़कें बनें, पानी की सुविधा मिले और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। कुछ बुजुर्गों ने रामजीलाल यादव का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि वह गांव के लिए काम करेंगे। लेकिन सबसे जरूरी यही है कि सरपंच बनने वाला व्यक्ति अपने वादे पूरे करे।

सवाल 15: महिलाओं की नजर में दादिया के विकास के लिए कौन से काम सबसे जरूरी हैं? 

महिला ग्रामीण: गांव में सड़कें अच्छी होनी चाहिए। जहां रास्ते खराब हैं, वहां सड़क बननी चाहिए और अंधेरी जगहों पर लाइट लगनी चाहिए। हमें ऐसा सरपंच चाहिए, जो गांव की जरूरतों पर ध्यान दे।

कुछ महिलाओं ने बातचीत के दौरान रामजीलाल यादव का समर्थन भी व्यक्त किया। उनका कहना था कि जिस उम्मीदवार को जनता चुने, उसे चुनाव जीतने के बाद अपने वादों पर काम करना चाहिए।

सवाल 16: बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों के लिए आप क्या सुविधाएं चाहती हैं?

महिला ग्रामीण: बुजुर्गों को समय पर पेंशन मिलनी चाहिए। जिन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, उनकी समस्याएं दूर होनी चाहिए। गांव में सड़क, पानी और लाइट की व्यवस्था भी अच्छी होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि चुना हुआ सरपंच गरीबों और बुजुर्गों की जरूरतों पर ध्यान दे।

सवाल 17: यदि चुनाव जीतने के बाद सरपंच अपने वादे पूरे नहीं करे, तो आप क्या करेंगी?

महिला ग्रामीण: हम उनसे सवाल करेंगे। जब वोट मांगने आते हैं, तब विकास का भरोसा देते हैं। इसलिए चुनाव जीतने के बाद भी उन्हें जनता की बात सुननी चाहिए। हम चाहते हैं कि सरपंच जिम्मेदारी से काम करे। सड़क, पानी, लाइट और पेंशन जैसी समस्याओं का समाधान करवाए। केवल चुनाव के समय वादे करने से काम नहीं चलेगा।