PM मोदी पहुंचे चिन्मय अमृत महोत्सव के समापन कार्यक्रम में, भारत मंडपम में होगा संबोधन; 75 साल पूरे होने पर जुटे देश-विदेश के हजारों लोग

पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली के भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव में शामिल हुए। चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में देश-विदेश से हजारों लोग जुटे।

PM मोदी पहुंचे चिन्मय अमृत महोत्सव के समापन कार्यक्रम में, भारत मंडपम में होगा संबोधन; 75 साल पूरे होने पर जुटे देश-विदेश के हजारों लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री लोगों को संबोधित करेंगे। चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में देश और विदेश से हजारों लोग भाग ले रहे हैं।

तीन दिवसीय यह आयोजन 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें 9 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। महोत्सव के जरिए भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, वेदांत दर्शन और भगवद्गीता की शिक्षाओं को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन

चिन्मय मिशन की स्थापना वर्ष 1951 में स्वामी चिन्मयानंद ने की थी। मिशन का प्रमुख उद्देश्य भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान, वेदांत दर्शन और भगवद्गीता के संदेश को आम लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाना रहा है।

बीते 75 वर्षों में मिशन ने आध्यात्मिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की हैं। स्थापना के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को यादगार बनाने के लिए सालभर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दुनियाभर में 350 से ज्यादा केंद्र

चिन्मय मिशन का नेटवर्क भारत के साथ कई अन्य देशों में भी फैला हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिशन के दुनियाभर में 350 से अधिक केंद्र हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आध्यात्मिक अध्ययन, धार्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक गतिविधियों और गीता-वेदांत की शिक्षाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मिशन का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक जीवन से जोड़ना और लोगों को उसके विचारों से परिचित कराना है।

भारत मंडपम में जुटे देश-विदेश के प्रतिभागी

दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के पहुंचने की जानकारी है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में चिन्मय मिशन की यात्रा, उसके आध्यात्मिक योगदान और भविष्य की दिशा पर केंद्रित गतिविधियां शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस कार्यक्रम में शामिल होना आयोजन का प्रमुख आकर्षण है। उनके संबोधन में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और चिन्मय मिशन के योगदान से जुड़े विषयों पर बात होने की उम्मीद है। हालांकि, संबोधन की विस्तृत जानकारी उनके भाषण केबाद ही स्पष्ट होगी।