IAS शिखर अग्रवाल के 40 विला-कॉटेज मामले में ACB की जांच तेज, कंपनी की संपत्तियों का मांगा पूरा ब्योरा
IAS शिखर अग्रवाल और परिवार के 40 विला-कॉटेज की खरीद का मामला ACB जांच के दायरे में है। अलवर प्रशासन से गोयल फैशंस की जमीनों, लैंड कन्वर्जन और संपत्तियों का रिकॉर्ड मांगा गया है।
राजस्थान के IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनके परिवार से जुड़े 40 विला-कॉटेज की खरीद का मामला अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के दायरे में आ गया है। अलवर ACB ने इस मामले में गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड की संपत्तियों और जमीनों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। जांच एजेंसी ने अलवर जिला प्रशासन से कंपनी के सभी लैंड कन्वर्जन और जिले में मौजूद दूसरी संपत्तियों की जानकारी मांगी है। इसके लिए प्रशासन को पत्र भेजा गया है।
कंपनी की जमीन और संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाल रही ACB
ACB के पत्र के बाद अलवर जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के सभी रजिस्ट्रार कार्यालयों को संबंधित दस्तावेज जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम यह पता लगाना चाहती है कि गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर जिले में कहां-कहां जमीन और संपत्तियां दर्ज हैं। साथ ही कंपनी की जमीनों के लैंड कन्वर्जन से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
बताया जा रहा है कि प्रशासन अगले दो दिनों में संबंधित रिकॉर्ड जुटाकर ACB को रिपोर्ट सौंप सकता है। इन दस्तावेजों के आधार पर कंपनी की संपत्तियों और उनसे जुड़े लेन-देन की पड़ताल की जाएगी।
एक ही कंपनी से खरीदे 40 विला-कॉटेज
मामले के मुताबिक, IAS शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी IPS प्रशाखा माथुर, उनके दो बेटों और सास-ससुर ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से कुल 40 विला और कॉटेज खरीदे थे। इनमें अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता स्पा एंड रिसॉर्ट के 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा क्षेत्र के 20 कॉटेज शामिल हैं।
इन सभी संपत्तियों की खरीद पर कुल 6 करोड़ 16.5 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। खास बात यह है कि खरीदारी के बाद इन विला और कॉटेज को उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया, जिससे इन्हें खरीदा गया था।

हर साल 1.80 करोड़ रुपये की लीज आय का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अजबगढ़ के 20 विला को पांच लाख रुपये प्रति विला सालाना और बुझड़ा के 20 कॉटेज को चार लाख रुपये प्रति कॉटेज सालाना की दर से कंपनी को लीज पर दिया गया। इस हिसाब से कुल वार्षिक लीज राशि 1.80 करोड़ रुपये बताई गई है।
अब जांच के दौरान इस पूरी व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ACB यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्तियों की खरीद, लीज और जमीनों के कन्वर्जन की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई या नहीं।
शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर के नाम 16 विला
अजबगढ़ स्थित अनंता स्पा एंड रिसॉर्ट में शिखर अग्रवाल के नाम चार विला दर्ज बताए गए हैं, जबकि उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर के नाम 12 विला हैं। इस तरह दोनों के नाम पर कुल 16 विला हैं।
इनमें अधिकांश विला करीब 89 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के बताए गए हैं। इनमें एक कमरा, टॉयलेट, डाइनिंग एरिया और बालकनी जैसी सुविधाएं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शिखर अग्रवाल ने यहां पहला विला वर्ष 2024 में खरीदा था। इसके बाद अन्य संपत्तियों की खरीद भी हुई।
थानागाजी से शुरू हुई थी रजिस्ट्री की प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, कंपनी ने अजबगढ़ में वर्ष 2020-21 के दौरान विला निर्माण का काम शुरू किया था। शुरुआती रजिस्ट्रियां थानागाजी तहसील में हुईं। बाद में प्रतापगढ़ तहसील बनने के बाद रजिस्ट्री का काम वहां से होने लगा।
रिसॉर्ट में एक दिन का न्यूनतम किराया करीब आठ हजार रुपये बताया गया है। अधिकांश खरीदारों ने अपने विला कॉमर्शियल इस्तेमाल और किराये पर चलाने के लिए कंपनी को ही सौंप रखे हैं।
क्या दूसरे अधिकारियों के निवेश की भी होगी जांच?
ACB को आशंका है कि गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड की संपत्तियों में शिखर अग्रवाल के अलावा कुछ अन्य अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों का निवेश भी हो सकता है। हालांकि, यह फिलहाल जांच का विषय है और इसकी पुष्टि होना बाकी है।
अब कंपनी के लैंड कन्वर्जन, रजिस्ट्री और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि इस मामले में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं। फिलहाल ACB की जांच का फोकस कंपनी की संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन पर है।

