राजस्थान में भाजपा सरकार के तीन साल: कांग्रेस ने पंचायत, किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

राजस्थान में भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने से पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पंचायत चुनाव, किसान, स्वास्थ्य, शिक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भजनलाल सरकार को घेरा।

राजस्थान में भाजपा सरकार के तीन साल: कांग्रेस ने पंचायत, किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

राजस्थान में भाजपा की डबल इंजन सरकार के तीन साल पूरे होने से पहले कांग्रेस ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश का विकास प्रभावित हुआ है और किसान, युवा, महिलाएं तथा गरीब वर्ग परेशान हैं। कांग्रेस ने पंचायत चुनावों में देरी, किसानों की समस्याओं, सरकारी अस्पतालों की स्थिति, स्कूलों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं।

पवन खेड़ा ने अपने बयान में कहा कि भाजपा ने राजस्थान में विकास का वादा किया था, लेकिन तीन साल में जनता को निराशा और वादाखिलाफी मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से जयपुर तक डबल इंजन सरकार के विकास की बातें हो रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कमजोर हुई हैं।

पंचायत चुनावों में देरी और मनरेगा बकाया को लेकर सवाल

कांग्रेस ने पंचायती राज व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। खेड़ा ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों में देरी की गई और निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह अफसरशाही को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी, फर्जी मतदान और पुनर्मतगणना से इनकार जैसे आरोपों का भी जिक्र किया।

कांग्रेस के मुताबिक, पंचायतों की वित्तीय सहायता अटकी हुई है और मनरेगा के करीब 4,501 करोड़ रुपये बकाया हैं। पार्टी का आरोप है कि इससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों की कर्जमाफी, एमएसपी और फसल बीमा पर घेरा

किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने खाद और कीटनाशकों के नमूनों की जांच का हवाला देते हुए दावा किया कि तीन वर्षों में 2,220 नमूने फेल हुए हैं। पार्टी ने बाजरा, ज्वार, चना, मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद के वादों को अधूरा बताया।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसानों पर करीब 1.92 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन कर्जमाफी को लेकर सरकार ने कोई राहत नहीं दी। फसल बीमा योजना में कथित गड़बड़ियों, लंबित क्लेम और कम मुआवजे का मुद्दा भी उठाया गया।

कांग्रेस के बयान के अनुसार, 6.79 लाख किसान फसल बीमा योजना छोड़ चुके हैं और बिजली कनेक्शन के लिए भुगतान करने के बावजूद 6,578 किसान इंतजार कर रहे हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की घटनाओं पर सरकार से सवाल

कांग्रेस ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने प्रसूताओं की मौतों का आंकड़ा 45 तक पहुंचने, कफ सिरप से बच्चों की मौत, गलत रक्त चढ़ाने और एसएमएस अस्पताल में आग लगने जैसी घटनाओं का उल्लेख किया।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) भुगतान संबंधी समस्याओं और भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही है। कांग्रेस ने अपनी पिछली सरकार की 25 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा और राइट टू हेल्थ जैसी पहलों का भी जिक्र किया।

सरकारी स्कूलों की सुरक्षा और खाली पदों का मुद्दा

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश के करीब 41 हजार सरकारी स्कूलों की सुरक्षा चिंता का विषय है। पार्टी के अनुसार, शिक्षा विभाग में लगभग डेढ़ लाख पद खाली हैं।

कांग्रेस ने छात्राओं के लिए पिंक टॉयलेट, मिड-डे मील की बुनियादी सुविधाओं और आरटीई भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया। बयान में दावा किया गया कि विद्यार्थियों और बालिकाओं से जुड़ी 37 योजनाओं में से 21 के लिए एक रुपया तक जारी नहीं किया गया।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि स्कूलों की स्थिति सुधारने के बजाय उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने से रोकने पर ध्यान दिया जा रहा है।

अनंता रिजॉर्ट से लेकर माफिया तक, भ्रष्टाचार के आरोप

कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को निशाने पर लिया। पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले निवेश बोर्ड की ओर से अनंता रिजॉर्ट को विशेष पैकेज दिए जाने पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की।

बयान में पेपर माफिया, बजरी माफिया, खनन माफिया और खेजड़ी माफिया से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया गया। इसके अलावा उड़ान योजना के तहत सैनिटरी पैड वितरण, बच्चों के दूध की कथित हेराफेरी, पेंशन और पालनहार योजना में फर्जी खातों तथा गरीबों के गेहूं की कालाबाजारी जैसे मुद्दे उठाए गए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई सड़कें बनने के बाद ही उखड़ रही हैं, जिससे सरकारी कामकाज की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस ने कहा- जनता के मुद्दों पर जारी रहेगी लड़ाई

अपने बयान के अंत में पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार के तीन साल का हिसाब जनता के सामने है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश को विकास और सुशासन के बजाय बदहाली और वादाखिलाफी मिली है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के सम्मान, युवाओं के भविष्य, जनता के अधिकारों और पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

नोट: इस खबर में शामिल आरोप और आंकड़े कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के जारी बयान पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।