इजरायल चुनाव में नया विवाद! लिकुड ने अरब दलों पर लगाए चुनाव में धांधली के आरोप

इजरायल चुनाव के बीच नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब दलों पर कथित चुनावी धांधली, धमकी और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं। जानें पूरा विवाद।

इजरायल चुनाव में नया विवाद! लिकुड ने अरब दलों पर लगाए चुनाव में धांधली के आरोप

इजरायल के चुनाव परिणामों के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने अरब नेतृत्व वाली पार्टियों पर चुनाव में कथित धांधली और मतदाताओं को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। लिकुड ने इन आरोपों की पुलिस और इजरायली खुफिया एजेंसी शिन बेट से जांच कराने की मांग की है।

लिकुड ने लगाए ये गंभीर आरोप

लिकुड पार्टी की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि चुनाव के दौरान कथित तौर पर मतदाताओं को डराने-धमकाने, रिश्वत देने, हिंसा, फर्जीवाड़े और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसी गतिविधियां हुईं।

पार्टी ने दावा किया कि इन कथित घटनाओं के जरिए चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि, ये आरोप लिकुड पार्टी के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

अरब दलों का प्रदर्शन चर्चा में

चुनाव में अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के प्रदर्शन ने भी राजनीतिक समीकरण को प्रभावित किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अरब दलों को करीब 18-19 सीटें मिलने का अनुमान बताया गया है, जिसे महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

इस स्थिति में नेतन्याहू समर्थक गुट और उनके विरोधी दलों के लिए नेसेट में स्पष्ट बहुमत का गणित जटिल हो गया है।

अरब नेता ने इजरायली समाज पर लगाए आरोप

बालाद गुट के प्रमुख सामी अबू शहादेह ने चुनावी स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इजरायली समाज में अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को विपक्ष का हिस्सा मानने को लेकर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक मतभेद हैं।

उन्होंने चुनावी नतीजों को नेतन्याहू की सीधी हार के रूप में देखने के बजाय इजरायल की राजनीतिक व्यवस्था में अरब दलों की भूमिका को लेकर मौजूद मतभेदों की ओर इशारा किया।

विपक्षी दलों के बीच गठबंधन का पेच

रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू समर्थक गुट को करीब 53 सीटें, जबकि उनके विरोधी दलों को लगभग 67 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, विपक्षी खेमे में भी एकजुटता नहीं है।

विरोधी दलों में यहूदी नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ अरब नेतृत्व वाली पार्टियां भी शामिल हैं। कई यहूदी नेतृत्व वाली पार्टियां अरब दलों के साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। ऐसे में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अभी बाकी है मतपत्रों की गिनती

रिपोर्ट के अनुसार करीब 93 फीसदी मतदान पूरा हो चुका था, जबकि लगभग 6 लाख डबल-एनवेलप मतपत्रों की गिनती बाकी थी। ऐसे में अंतिम आधिकारिक परिणाम आने तक सीटों का आंकड़ा बदल सकता है।

इजरायल में सरकार बनाने के लिए नेसेट में बहुमत का आंकड़ा 61 सीटों का होता है। इसलिए अंतिम परिणाम और अलग-अलग दलों के बीच संभावित गठबंधन इस चुनाव के अगले राजनीतिक चरण को तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी

लिकुड की ओर से लगाए गए चुनावी धांधली के आरोपों की जांच की मांग की गई है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने तक इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।