मन की बात में गूंजा राजस्थान का गौरव: गोडावण को मिला नया जीवन

रेगिस्तान की पहचान…और कभी विलुप्त होने की कगार पर खड़ा एक पक्षी… अब बन रहा है उम्मीद की नई कहानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में

राजस्थान के जैसलमेर में चल रहे गोडावण संरक्षण अभियान की सराहना की

एक समय था। जब ग्रेट इंडियन बस्टर्ड यानी गोडावण की संख्या इतनी कम हो गई थी।

कि इसके अस्तित्व पर ही संकट मंडराने लगा था लेकिन अब जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में वैज्ञानिकों और वन विभाग की मेहनत से इस ‘सोन चिड़िया’ को नया जीवन मिलता नजर आ रहा है। सुदासरी और रामदेवरा में बनाए गए ब्रीडिंग सेंटर आज पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल बनते जा रहे हैं।

सबसे खास बात ये है कि अब आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन यानी AI तकनीक के जरिए पहली बार सफल प्रजनन भी हुआ है। फीमेल गोडावण ‘जेरी’ और मेल ‘पर्व’ के जरिए एक नए जीवन का जन्म…

इस अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जहां कभी ये पक्षी खत्म होने की कगार पर था वहीं अब इसकी संख्या 200 के करीब पहुंच चुकी है। अब अगला लक्ष्य है

इन पक्षियों को धीरे-धीरे प्राकृतिक माहौल में छोड़ना ताकि वे खुद से प्रजनन कर सकें और जंगल में फिर से बस सकें...