नितिन नवीन के टोंक दौरे के बाद पूर्वी राजस्थान में सियासी हलचल तेज
टोंक दौरे के बाद बीजेपी और Sachin Pilot के बीच सियासी टकराव तेज। राधा मोहन दास अग्रवाल के बयान पर Ashok Gehlot का पलटवार।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के टोंक दौरे के बाद पूर्वी राजस्थान में सियासी हलचल तेज हो गई है। पायलट के प्रभाव वाले क्षेत्र से बीजेपी पूर्वी राजस्थान में अपनी पकड़ को मजबूत करने का सीधा सन्देश देना चाह रही है। इस दौरान टोंक में मंच से भाजपा के राजस्थान प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि टोंक में बीजेपी को सभी चार सीट जीतनी हैं, अग्रवाल ने कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट पर तीखे निजी और राजनीतिक प्रहार किए। भाजपा प्रभारी ने पायलट को 'बाहरी' बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जानबूझकर इस आयोजन के लिए टोंक को चुना है, क्योंकि असल में टोंक 'भाजपा का गढ़' है।
सचिन पायलट को बताया बहुरूपिया विधायक:
राजस्थान भाजपा प्रभारी ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि टोंक में एक बहुरूपिया विधायक बन गया है। ना तो वह टोंक का रहने वाला है और ना ही राजस्थान के लिए रहने वाला है, लेकिन टोंक के भोले लोगों ने उनको टीका लगा दिया। इस विधायक की एक टांग कांग्रेस में रहती है, और दूसरी कहां है, इसका किसी को पता नहीं। उन्होंने ऐलान किया कि भाजपा की नजर टोंक जिले की सभी चारों सीटों पर है।
मानेसर कांड को गहलोत ने फिर किया याद :
अशोक गहलोत ने मानेसर कांड को एक बार फिर से याद करते हुए कहा कि सचिन पायलट समझ भी गए हैं और साथ ही संभल भी गए हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि एक बार गलती करने का क्या परिणाम होता है। राधा मोहन दास अग्रवाल को जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि पायलट कांग्रेस में ही रहेंगे। सचिन पायलट सब समझ भी गए हैं और संभल भी गए हैं। उनकी दोनों टांगें कांग्रेस में ही हैं, कहीं नहीं जाएंगी। पार्टी एकजुट है, पहले उन्हें बहला-फुसला मानेसर ले गए थे, लेकिन अब यह गलती नहीं करेंगे।
बता दें कि अशोक गहलोत पश्चिम बंगाल से लौटे हैं, उन्होंने कहा कि भाजपा हर संस्था का इस्तेमाल कर रही है, चाहे चुनाव आयोग हो, ED हो या कोई और संस्था। सबका दुरुपयोग चुनाव लड़ने के लिए हो रहा है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के सातों सांसदों के भाजपा में विलय से जुड़े सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा आपको जो हथकंडे वाले कैंपेन हैं, षड्यंत्र वाले चुनाव हो रहा है तो सोच सकते हो कुछ भी हो सकता है।
Ayush Pareek 
